रायबरेली: अपर जिला जज अनिल कुमार की अदालत ने 13 साल पुराने एक चर्चित हत्याकांड में सुनवाई पूरी करते हुए दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों दोषियों पर हत्या के जुर्म में एक-एक लाख रुपये और साक्ष्य मिटाने के आरोप में 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) विवेक सिंह राठौर ने बताया कि मामला जगतपुर थाना क्षेत्र का है। सेवार दरिगापुर निवासी चंद्रशेखर ने 29 दिसंबर 2013 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तहरीर के मुताबिक, 28 दिसंबर को उनका भाई रामलखन गाड़ी के कागजात लेने की बात कहकर घर से निकला था। शाम को उसने चंद्रशेखर के भतीजे शैलेंद्र को जगतपुर में सब्जी लेने भेजा और खुद पूरे मूर्ति निवासी रिंकू तथा पूरे चंदी निवासी राजू के साथ शराब पीने चला गया।
अगले दिन सुबह परिजनों को रामलखन की हत्या किए जाने की सूचना मिली। तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की। विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर पूरे मूर्ति निवासी रिंकू उर्फ रविकांत और दरियापुर के प्रेम सागर निवासी गण पूरे मूर्ति के नाम प्रकाश में आए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्य देखने के बाद रिंकू व गण को हत्या और साक्ष्य छिपाने का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
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