सहारनपुर: शिवालिक की पहाड़ियों में हुई तेज बारिश के बाद सोमवार शाम घाड़ क्षेत्र की सभी प्रमुख नदियों में अचानक पानी का तेज बहाव आ गया। मिर्जापुर क्षेत्र की शफीपुर, बादशाहीबाग, पाडली, शाहपुर गाड़ा और जाटोवाला नदियों के साथ बिहारीगढ़ क्षेत्र की हिंडन नदी में भी जलस्तर बढ़ गया। पानी का बहाव तेज होने से कई गांवों का संपर्क घंटों तक प्रभावित रहा। लोग नदी के किनारों पर खड़े होकर पानी कम होने का इंतजार करते नजर आए।
मिर्जापुर क्षेत्र में शाहपुर गाड़ा और पाडली नदी के किनारे किसानों की उपजाऊ जमीन में भारी कटाव हुआ है। तेज बहाव के कारण कई बीघा कृषि भूमि नदी में समा गई। वहीं शाहपुर गाड़ा, पाडली और खुवासपुर नदी के रास्तों पर पानी आने से राहगीर फंस गए। उन्हें घंटों पानी कम होने का इंतजार करना पड़ा। खुवासपुर गांव में पहले आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़क की अभी तक मरम्मत नहीं हुई है। इसके कारण ग्रामीणों को गांव से बाहर आने-जाने के लिए कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
उधर, बिहारीगढ़ क्षेत्र में हिंडन नदी में तेज बहाव आने के कारण सुंदरपुर-शाकंभरी देवी मार्ग सोमवार शाम करीब पांच बजे से देर रात तक बंद रहा। मार्ग बंद होने से 40 से अधिक गांवों के लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। देर शाम एक युवक नदी के तेज बहाव में बह गया, हालांकि ग्रामीणों ने उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पुराना दिल्ली-देहरादून हाईवे भी दूसरे दिन नहीं खुल सका। रविवार सुबह पहाड़ का मलबा आने से बंद हुए मार्ग पर उत्तराखंड की तरफ से मलबे के साथ कुछ पेड़ भी सड़क पर गिरे हैं। मोहंड के वनक्षेत्राधिकारी लव सिंह ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से वार्ता की गई है। बारिश रुकने के बाद रास्ते से मलबा और पेड़ हटाने की बात कही गई है।
सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी में भी शाम को नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। सुबह जलस्तर सामान्य होने पर पुलिस ने श्रद्धालुओं को पैदल मंदिर जाने की अनुमति दी थी, लेकिन शाम करीब 4:30 बजे के बाद सुरक्षा के मद्देनजर श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी गई। भूरादेव पर मौजूद श्रद्धालुओं को वापस भेजा गया और सिद्धपीठ परिसर में मौजूद लोगों को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला।
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