इटावा: जसवंतनगर थाना क्षेत्र के नगला हुलासी गांव में एक युवक की संदिग्ध आत्महत्या के मामले में पुलिस की निष्क्रियता पर न्यायालय ने हस्तक्षेप किया है। मृतक के पिता की याचिका पर द्वितीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम), इटावा ने थाना जसवंतनगर पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
शादी के दो साल के भीतर हुई युवक की मौत
याचिका के अनुसार मृतक दिलीप कुमार का विवाह 4 फरवरी 2024 को मैनपुरी जिले की रहने वाली भारती के साथ हुआ था। परिजनों का कहना है कि विवाह के कुछ समय बाद ही भारती अपने मायके में रहने लगी थी। आरोप है कि 11 और 12 मई 2026 की दरमियानी रात दिलीप कुमार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, जिसके बाद परिवार ने इसे सामान्य घटना मानने के बजाय गंभीर परिस्थितियों से जुड़ा मामला बताया।
मानसिक प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप
मृतक के पिता राम बहादुर ने आरोप लगाया है कि उनकी बहू भारती, उसकी मां रानी देवी और पिंटू उर्फ बंटू द्वारा लगातार मानसिक दबाव और प्रताड़ना दी जा रही थी। उनका दावा है कि इसी मानसिक उत्पीड़न के चलते उनके बेटे ने आत्मघाती कदम उठाया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को तहरीर भी सौंपी थी।
पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप, कोर्ट का लिया सहारा
राम बहादुर का कहना है कि तहरीर देने के बावजूद थाना पुलिस ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं की। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिदेशक और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कहीं से राहत नहीं मिली। पुलिस स्तर पर कार्रवाई न होने के बाद उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
अदालत के आदेश के बाद शुरू हुई विवेचना
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने प्रथम दृष्टया शिकायत को गंभीर मानते हुए पुलिस को एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया। अदालत के आदेश का पालन करते हुए थाना जसवंतनगर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। अब मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर स्पष्ट होगी।
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