प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर (Rabindranath Tagore) की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि टैगोर केवल महान कवि ही नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी दार्शनिक, शिक्षाविद, कलाकार और भारत की सांस्कृतिक आत्मा की सशक्त आवाज थे। पीएम मोदी ने कहा कि टैगोर के विचार आज भी समाज को प्रेरणा देने का काम कर रहे हैं।
আজ, পঁচিশে বৈশাখের এই বিশেষ দিনে, আমরা গুরুদেব ঠাকুরের প্রতি আমাদের অন্তরের শ্রদ্ধা নিবেদন করছি।
গুরুদেব ঠাকুর ছিলেন এক অসাধারণ প্রতিভার অধিকারী সাহিত্যিক, চিন্তক ও কবি। তিনি একজন অনন্য দার্শনিক, শিক্ষাবিদ, শিল্পী এবং ভারতীয় সভ্যতার চিরন্তন কণ্ঠস্বর হিসেবে নিজেকে প্রতিষ্ঠিত…
— Narendra Modi (@narendramodi) May 9, 2026
संस्कृति और मानवता के प्रतीक थे टैगोर
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर ने मानवता की गहरी भावनाओं और भारतीय संस्कृति के सर्वोच्च आदर्शों को अपनी रचनाओं के माध्यम से अभिव्यक्ति दी। उन्होंने साहित्य, संगीत और शिक्षा के क्षेत्र में नए विचारों और रचनात्मक ऊर्जा का संचार किया। पीएम मोदी ने कहा कि देश उन्हें गहरी श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ याद करता है तथा उनके विचार आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
‘रवींद्र जयंती’ का विशेष महत्व
पश्चिम बंगाल सहित देश के कई हिस्सों में टैगोर की जयंती को ‘रवींद्र जयंती’ के रूप में मनाया जाता है। बंगाली कैलेंडर के अनुसार उनका जन्म 25 बोइशाख 1268 को हुआ था, जबकि ग्रेगोरियन कैलेंडर के मुताबिक उनकी जन्मतिथि 7 मई 1861 है। बंगाल में इस दिन को ‘पोचिशे बोइशाख’ के नाम से भी जाना जाता है और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए टैगोर को याद किया जाता है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी खास दिन
शनिवार का दिन पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य में पहली बार शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बीजेपी सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारियां जोरों पर हैं। इस मौके पर कई बड़े राजनीतिक नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और खास बना दिया है।
कई दिग्गज नेता पहुंचे समारोह में
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी , रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई प्रमुख हस्तियां शामिल होने पहुंचीं। राजनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से यह दिन पश्चिम बंगाल के लिए बेहद खास माना जा रहा है।














































