जौनपुर: समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव आरिफ हबीब ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि संविधान के अनुच्छेद 142 में निहित ‘पूर्ण न्याय’ की शक्ति का प्रयोग करते हुए मोहम्मद आजम खां, उनके परिवार तथा मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों पर निष्पक्षता से विचार किया जाए।
आरिफ हबीब ने कहा कि यदि किसी मामले में राजनीतिक द्वेष, प्रतिशोध या कानून के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो ऐसी परिस्थितियों में सर्वोच्च न्यायालय को न्याय के व्यापक हित में उचित हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि जनता को न्याय होता हुआ दिखाई भी देना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी व्यक्ति या संस्था को कानून से ऊपर विशेषाधिकार देने की नहीं, बल्कि निष्पक्ष न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की है। उन्होंने कहा कि आजम खां, उनके परिवार और जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों की पारदर्शी एवं निष्पक्ष समीक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों के विश्वास को मजबूत करेगी।
आरिफ हबीब ने कहा कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय शिक्षा और सामाजिक विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण संस्था है। इसलिए उससे संबंधित मामलों में भी कानून, पारदर्शिता और न्याय के सिद्धांतों का पालन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है और इंसाफ की मांग करना संवैधानिक विश्वास का हिस्सा है।

















































