बांदा: जिस मां के सकुशल घर लौटने की उम्मीद में पूरा परिवार रातभर जागता रहा, शुक्रवार सुबह उसी मां का शव नाले की झाड़ियों में फंसा मिला। करीब 24 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जैसे ही गोताखोरों ने रेखा यादव का शव बाहर निकाला, पूरे गांव में मातम पसर गया। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर हर आंख नम हो गई।
चिल्ला थाना क्षेत्र के दतरौली गांव निवासी 35 वर्षीय रेखा यादव गुरुवार सुबह रोज की तरह शौच के लिए घर से निकली थीं, लेकिन देर तक वापस नहीं लौटीं। परिजनों ने तलाश शुरू की तो नाले के किनारे उनकी चप्पल मिली। इसके बाद डूबने की आशंका पर पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष आनंद साहू पुलिस टीम और गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंचे। पूरे दिन नाले में खोजबीन की गई, जाल डलवाया गया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। रातभर पुलिस ने घटनास्थल पर पिकेट लगाकर निगरानी की और शुक्रवार सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
कुछ ही देर बाद घटनास्थल से थोड़ी दूरी पर नाले के घुमावदार मोड़ पर झाड़ियों और चारे के बीच रेखा का शव फंसा मिला। शव देखते ही पति जोगा यादव बदहवास हो गए। दो बेटियां आशा और सीमा तथा बेटा आर्यन अपनी मां को देखकर फूट-फूटकर रो पड़े। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी भर आईं।पुलिस के अनुसार, रेखा यादव मानसिक रूप से अस्वस्थ थीं और उनका कई वर्षों से इलाज चल रहा था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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