Jewar Airport: देश का पहला net zero emission एयरपोर्ट, दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट, जानें और भी खासियतें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर के जेवर (Jewar) में नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (Noida International Airport) की आधारशिला रखेंगे. इसी के साथ यूपी 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला देश का पहला राज्य होगा. जेवर में बन रहा यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर में दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा और इसके बनने के बाद इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दबाव भी कम हो जाएगा. यह एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा और फर्स्ट नेट जीरो एमिशन एयरपोर्ट होगा यानी प्रदूषण से पूरी तरह मुक्त.

क्‍यों खास है जेवर एयरपोर्ट
यह एयरपोर्ट इस लिहाज से भी खास है क्‍योंक‍ि ये उत्‍तर प्रदेश का पांचवां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा. देश में अभी तक तमिलनाडु और केरल ही ऐसे राज्य हैं जहां 4-4 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं. मतलब आने वाले समय में उत्‍तर प्रदेश सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों वाला राज्‍य हो जाएगा. राज्‍य में 2012 तक केवल दो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे थे. 20 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन के बाद कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शुरू हुआ जबकि अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बन रहा है जहां अगले साल तक सेवाएं शुरू हो जाएंगी. यह भारत का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा.

मौजूदा समय की बात करें तो सूबे में आठ एयरपोर्ट्स संचालित हो रहे हैं, जबकि 13 एयरपोर्ट्स और सात एयर स्ट्रिप्स निर्माणाधीन हैं. जिन एयरपोर्ट्स से कमर्शियल फ्लाइट्स उड़ान भर रही हैं उनमें लखनऊ, वाराणसी, कुशीनगर, गोरखपुर, आगरा, कानपुर, प्रयागराज और गाजियाबाद का हिंडन शामिल है. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री के मिशन गति शक्ति को धरातल पर उतारने के लिए योगी सरकार संकल्पबद्ध है. यही वजह है कि सड़क से लेकर हवाई यात्रा तक का इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप किया जा रहा है.

2024 में पूरा होगा पहला चरण
जेवर एयरपोर्ट की परियोजना का पहला चरण वर्ष 2024 तक 10,050 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत से पूरा किया जाना है. 1300 हेक्टेयर से अधिक जमीन पर फैली यह परियोजना प्रति वर्ष 1.2 करोड़ यात्रियों को अपनी सेवा देगी. पीएमओ ने कहा कि पहले चरण के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का काम पूरा कर लिया गया है. नोएडा में बन रहा एयरपोर्ट, दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में दूसरा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होगा और इससे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दबाव कम होगा. रणनीतिक नजरिये से नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का अलग महत्व होगा और इससे दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के अलावा अलीगढ़, आगरा, फरीदाबाद और पड़ोसी क्षेत्र के लोगों की जरूरतें पूरी होंगी.

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