लखनऊ। उत्तर प्रदेश में परिवहन सेवाओं के डिजिटलीकरण ने नई ऊंचाइयां छू ली हैं। प्रदेश में अब तक 2.99 करोड़ से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं, जिसमें लखनऊ आरटीओ ने 13.66 लाख लाइसेंस जारी कर पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सेवाएं फेसलेस और कॉन्टैक्टलेस हो जाने से लोगों को आरटीओ कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं रह गई है।
यूपी में ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने में लखनऊ अग्रणी
उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पूरे प्रदेश में कुल 2.99 करोड़ से ज्यादा ड्राइविंग लाइसेंस जारी हो चुके हैं। लखनऊ आरटीओ ने अकेले 13.66 लाख लाइसेंस जारी करके सभी जिलों को पीछे छोड़ दिया है। यह उपलब्धि लखनऊ में बढ़ती जनसंख्या, बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था और डिजिटल सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है।
5.30 करोड़ वाहनों का रिकॉर्ड अब पूरी तरह डिजिटल
प्रदेश में कुल 5.30 करोड़ से अधिक वाहनों का पंजीकरण हो चुका है और इन सभी का रिकॉर्ड अब डिजिटल रूप में उपलब्ध है। वाहन पंजीकरण में भी लखनऊ का ट्रांसपोर्ट नगर आरटीओ शीर्ष स्थान पर है। डिजिटल डेटाबेस से न केवल पारदर्शिता बढ़ी है बल्कि फर्जी वाहनों और दस्तावेजों पर भी प्रभावी अंकुश लगा है।
49 सेवाएं हुईं फेसलेस और कॉन्टैक्टलेस
परिवहन विभाग ने अपनी 49 महत्वपूर्ण सेवाओं को पूरी तरह फेसलेस और कॉन्टैक्टलेस बना दिया है। अब वाहन संबंधी किसी भी काम के लिए लोगों को कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। “वाहन” और “सारथी” पोर्टल के माध्यम से घर बैठे लाइसेंस आवेदन, नवीनीकरण, वाहन पंजीकरण, ट्रांसफर, फिटनेस सर्टिफिकेट आदि सभी सेवाएं आसानी से ली जा सकती हैं।
ऑनलाइन प्रक्रिया से बढ़ी पारदर्शिता और सुविधा
डिजिटल व्यवस्था अपनाने से परिवहन सेवाओं में पारदर्शिता आई है। पहले जहां लोगों को कई बार कार्यालय जाना पड़ता था और मध्यस्थों पर निर्भर रहना पड़ता था, अब सब कुछ ऑनलाइन और ट्रांसपेरेंट हो गया है। समय की बचत के साथ-साथ भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी काफी हद तक कम हो गई हैं।
तकनीक ने बनाई परिवहन व्यवस्था को तेज और आसान
परिवहन विभाग द्वारा अपनाई गई आधुनिक तकनीक ने पूरी व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक तेज, सुगम और नागरिक अनुकूल बना दिया है। ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप और डिजिटल भुगतान की सुविधा ने आम लोगों के जीवन को आसान बना दिया है।
डिजिटल परिवहन सेवाएं: एक सकारात्मक बदलाव
उत्तर प्रदेश सरकार के डिजिटल इंडिया मिशन के तहत परिवहन विभाग की यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन रही है। लाइसेंस और वाहन संबंधी सभी कार्य अब कुछ क्लिक की दूरी पर उपलब्ध होने से लाखों लोगों को रोजाना बड़ी राहत मिल रही है।
यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश में अच्छे शासन (Good Governance) और ई-गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।











































