अमेठी: अमेठी जिले में रोडवेज बसों की कमी के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इटावा डिपो में 15 नई मिनी बसें स्थानांतरित किए जाने के बाद अमेठी डिपो के कई प्रमुख मार्गों पर बसों का नियमित संचालन प्रभावित हुआ है। यात्रियों को बसों के इंतजार में घंटों खड़ा रहना पड़ रहा है, जिससे वे निजी वाहनों का सहारा लेने और अधिक किराया चुकाने को मजबूर हैं।
वर्तमान में अमेठी डिपो के पास निगम की 70 और तीन अनुबंधित बसें उपलब्ध हैं। पिछले दो वर्षों में डिपो को मिली 32 नई मिनी बसों में से 15 बसें शासन के निर्देश पर इटावा डिपो भेज दी गई हैं। इसके बदले अयोध्या डिपो से अमेठी को छह पुरानी बसें मिली हैं, जिनकी हालत बेहतर नहीं बताई जा रही है। इससे डिपो की कुल संचालन क्षमता प्रभावित हुई है।
बसों की कमी का सीधा असर अमेठी-विंध्याचल, अमेठी-गोंडा, अमेठी-भादर-लखनऊ, अमेठी-आजमगढ़ और अमेठी-लखनऊ जैसे प्रमुख मार्गों पर देखा जा रहा है। इन रूटों पर पहले बसें निर्धारित समय पर उपलब्ध होती थीं, लेकिन अब यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। नौकरीपेशा लोगों, छात्र-छात्राओं और मरीजों को इससे सबसे अधिक कठिनाई हो रही है।
यात्रियों का कहना है कि बस सेवा बाधित होने से रोजाना यात्रा करने वाले लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। कई बार समय पर बस न मिलने के कारण उन्हें निजी वाहनों या अन्य वैकल्पिक साधनों से यात्रा करनी पड़ती है, जो महंगा साबित होता है।
यात्रियों ने परिवहन विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि अमेठी डिपो में पर्याप्त संख्या में नई बसें उपलब्ध कराई जाएं और प्रभावित मार्गों पर बसों का नियमित संचालन बहाल किया जाए।
डिपो इंचार्ज आरके वर्मा ने बताया कि शासन के निर्देश पर अमेठी डिपो से 15 नई मिनी बसें इटावा भेजी गई हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि अयोध्या डिपो से मिली छह पुरानी बसें संचालन योग्य नहीं हैं। वर्मा के अनुसार, फिलहाल उपलब्ध बसों से ही विभिन्न मार्गों पर संचालन कराया जा रहा है, जिसके कारण कुछ रूटों पर सेवा प्रभावित हुई है।



















































