रायबरेली: कर्मचारियों की विभिन्न लंबित समस्याओं और मांगों को लेकर गुरुवार को भारतीय मजदूर संघ की जिला इकाई के नेतृत्व में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। जिले के अलग-अलग विभागों से जुड़े कर्मचारी और श्रमिक संगठन के पदाधिकारी बड़ी संख्या में एकत्र हुए और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम संबोधित 22 सूत्रीय मांगपत्र जिला अधिकारी के माध्यम से सौंपा गया।
कर्मचारी हितों के लिए एकजुटता पर जोर
धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए संगठन के मुख्य संरक्षक नागेश सिंह ने कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन हमेशा संघर्षरत रहेगा। संरक्षक राम कुमार तिवारी और आर.डी. सिंह ने भी कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर हर परिस्थिति में साथ देने का आश्वासन दिया। वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
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सरकारी नीतियों पर जताई नाराजगी
संगठन अध्यक्ष चंद मोहन सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की ताकत उनकी एकता में निहित है और इसी के बल पर उनके अधिकार सुरक्षित रह सकते हैं। वहीं महामंत्री धर्मेंद्र तिवारी ने कुछ नीतियों को कर्मचारी हितों के विपरीत बताते हुए नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित मांगों की अनदेखी से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।
इन प्रमुख मांगों को लेकर उठाई आवाज
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने तथा संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग की। इसके अलावा आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय में वृद्धि, बैंकों में पांच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू करने, परिवहन निगम के संविदाकर्मियों को नियमित करने और रिक्शा-ऑटो चालकों के लिए स्थायी स्टैंड की व्यवस्था करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई। पत्रकारों के लिए सुरक्षा बीमा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी मांगपत्र में शामिल रहे।
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कई कर्मचारी नेता और पदाधिकारी रहे मौजूद
धरना-प्रदर्शन में संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष सुधीर सिंह समेत कई कर्मचारी नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में महिला प्रतिनिधियों सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने भाग लेकर एकजुटता का संदेश दिया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।










































