रेलवे द्वारा लगाए गए जटरोफा के फल खाने से महिला समेत सात बच्चों की तबीयत बिगड़ी, सीएचसी में भर्ती

कम्पिल (फर्रुखाबाद)। थाना कम्पिल क्षेत्र के मांझ गांव में रेलवे विभाग द्वारा लगाए गए जटरोफा (Jatropha) के पेड़ के फल खाने से एक महिला समेत सात बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। फल खाने के कुछ ही देर बाद सभी को उल्टी, घबराहट और बेचैनी की शिकायत होने लगी, जिससे परिजनों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कम्पिल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

जानकारी के अनुसार रेलवे लाइन के किनारे रेलवे विभाग द्वारा वर्षों पहले जटरोफा के पौधे लगाए गए थे। इन पेड़ों पर इन दिनों फल लगे हुए हैं। मांझ गांव के कुछ बच्चों ने इन्हें सामान्य फल समझकर तोड़ लिया और खाने लगे। उनके साथ एक महिला ने भी फल का सेवन कर लिया। कुछ ही समय बाद सभी की हालत बिगड़ने लगी।

बीमार होने वालों में रहमान (15 वर्ष), आयमन (4 वर्ष), अली (4 वर्ष), साहीन (3 वर्ष), तमन्ना (17 वर्ष), अहत (8 वर्ष) और मौशिरा (8 वर्ष) शामिल हैं। सभी मांझ गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।

परिजनों ने बताया कि बच्चों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि जटरोफा का फल विषैला होता है। फल खाने के बाद बच्चों को उल्टियां होने लगीं और चक्कर आने लगे। इसके बाद परिजन तत्काल उन्हें सीएचसी लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने सभी का प्राथमिक उपचार शुरू किया और निगरानी में रखा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जटरोफा का पौधा बायोडीजल उत्पादन के लिए लगाया जाता है तथा इसके बीज और फल मानव सेवन के लिए सुरक्षित नहीं होते। ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि ऐसे विषैले पौधों के आसपास चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

घटना के बाद गांव में चिंता का माहौल है। चिकित्सकों के अनुसार सभी मरीजों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।