मैनपुरी: नीट यूजी परीक्षा में कथित धांधली, पेपर लीक की जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन को अब समाजवादी पार्टी की मैनपुरी सांसद डिंपल यादव का भी समर्थन मिल गया है। उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए केंद्र सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
धरना हटाने की कार्रवाई पर जताया विरोध
शनिवार को धरना स्थल से प्रदर्शनकारियों को हटाए जाने और सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाने की घटना पर डिंपल यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन को बलपूर्वक समाप्त करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इससे संविधान की भावना को ठेस पहुंचती है।
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एक्स पर सरकार को बताया तानाशाही प्रवृत्ति वाला
डिंपल यादव ने शनिवार सुबह एक्स पर किए गए अपने पोस्ट में लिखा कि सोनम वांगचुक को जबरन हटाना केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान पर सीधा प्रहार है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अब शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन भी सहन नहीं कर पा रही है और यह तानाशाही का संकेत है।
दूसरी पोस्ट में तीखा हमला
इसके कुछ ही देर बाद किए गए एक अन्य पोस्ट में सपा सांसद ने भाजपा पर और तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि ‘बीजेपी वाले देश के लिए सफेद चादर का कफन लेकर आए हैं।’ साथ ही कहा कि जब शांतिपूर्ण आवाजों को दबाया जाता है तो लोकतंत्र और संविधान दोनों कमजोर होते हैं। उन्होंने सोनम वांगचुक की आवाज को देश की आत्मा की आवाज बताते हुए उसे दबाने की आलोचना की।
सोशल मीडिया पर तेज हुई राजनीतिक बहस
उल्लेखनीय है कि नीट यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में शुरू हुआ आंदोलन समय के साथ व्यापक होता गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने भी भागीदारी की। सोनम वांगचुक के समर्थन में डिंपल यादव के खुलकर सामने आने के बाद इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और उनके पोस्ट पर पक्ष-विपक्ष के समर्थकों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।















































