बांदा: त्रिवेणी गांव में आवासीय पट्टों पर कथित अवैध कब्जे को लेकर दलित पट्टाधारकों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में पीड़ित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोप लगाया कि वर्षों पहले मिले आवासीय पट्टों पर आज तक उन्हें कब्जा नहीं मिल सका, क्योंकि दबंगों ने जमीन पर अवैध कब्जा जमा रखा है।
पीड़ितों का आरोप है कि राजस्व विभाग की पैमाइश के बाद जब वे अपने पट्टों पर सफाई कर कब्जा लेने पहुंचे तो दबंगों ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान जातिसूचक गालियां दी गईं, मारपीट की गई, जान से मारने की धमकी दी गई और झूठे मुकदमों में फंसाने की चेतावनी भी दी गई। आरोपों के चलते गांव का माहौल तनावपूर्ण बताया जा रहा है
दलित पट्टाधारकों ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र भेजकर पुलिस सुरक्षा में अपने आवासीय पट्टों पर कब्जा दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने सख्त कार्रवाई नहीं की तो गांव में कभी भी बड़ा विवाद या खूनी संघर्ष हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। अब देखना होगा कि प्रशासन पीड़ितों की शिकायत पर क्या कदम उठाता है और क्या दलित परिवारों को उनका हक मिल पाताना है।
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