सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से यातायात व्यवस्था ध्वस्त, हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम

फर्रुखाबाद। सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर गंगा स्नान के लिए पांचाल घाट पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के आगे यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। पांचाल घाट गंगा पुल और उसके आसपास के क्षेत्रों में सोमवार सुबह से ही भीषण जाम की स्थिति बनी रही। हालात ऐसे रहे कि वाहन घंटों तक रेंगते रहे और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम के कारण शाहजहांपुर, बरेली, हरदोई और अन्य जनपदों को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग भी प्रभावित रहा।

सुबह करीब नौ बजे से शुरू हुआ जाम दिन चढ़ने के साथ और विकराल होता गया। पांचाल घाट चौराहे से लेकर गंगा पुल के दूसरी ओर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। गंगा स्नान के लिए दूर-दराज के जिलों से श्रद्धालु निजी वाहनों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और बसों के माध्यम से पहुंचे थे, जिससे यातायात का दबाव अचानक कई गुना बढ़ गया।

इटावा-बरेली नेशनल हाईवे-730सी पर भगुआ नागला से लेकर वन चेतना केंद्र के आगे तक वाहनों की लंबी लाइनें देखने को मिलीं। जाम में रोडवेज बसें, निजी बसें, कारें, ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और अन्य वाहन घंटों तक फंसे रहे। यात्रियों को भीषण गर्मी और उमस के बीच भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अव्यवस्थित यातायात और अवैध पार्किंग ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। पुल के आसपास सड़क किनारे खड़े चार पहिया वाहनों के कारण सड़क संकरी हो गई, जबकि रोडवेज बसें भी पुल के निकट ही सवारियां उतारने और चढ़ाने में लगी रहीं। इससे यातायात का प्रवाह पूरी तरह बाधित हो गया और जाम लगातार बढ़ता चला गया।

Also Read: ‘3 महीने का गर्भ, प्रेमी ने जबरन खिलाई गोलियाँ…’, हॉस्टल सीढ़ियों पर खून से लथपथ मिली 19 साल की छात्रा

लोगों का आरोप है कि पर्व के मद्देनजर पर्याप्त ट्रैफिक प्रबंधन नहीं किया गया। भीड़ के अनुमान के बावजूद पार्किंग और यातायात नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था न होने से श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को घंटों परेशान होना पड़ा। कई वाहन चालक और यात्री प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर नाराज नजर आए।

उधर, जाम खुलवाने के लिए यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिसकर्मी लगातार प्रयास करते रहे। यातायात निरीक्षक (टीआई) एवं यातायात उपनिरीक्षक (टीएसआई) स्वयं मौके पर डटे रहे और वाहनों को धीरे-धीरे निकालने का प्रयास करते रहे। हालांकि श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती भीड़ और वाहनों के अत्यधिक दबाव के कारण जाम पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका।

सोमवती अमावस्या के अवसर पर पांचाल घाट पर आस्था का सैलाब तो उमड़ा, लेकिन यातायात व्यवस्था की बदहाली ने श्रद्धालुओं की यात्रा को कष्टदायक बना दिया। लोगों ने भविष्य में ऐसे बड़े आयोजनों के दौरान बेहतर ट्रैफिक प्लान और पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)