UP: ऊर्जा मंत्री के आरोपों के बीच CM योगी की बिजली विभाग संग अहम बैठक, दरों पर हो सकता है बड़ा फैसला

UP: ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन के बीच बढ़े मतभेद के बाद शक्ति भवन में गतिविधियां तेज हो गई हैं। 15 जून को मुख्यमंत्री की प्रस्तावित समीक्षा बैठक को देखते हुए निगम प्रबंधन विभिन्न मामलों से संबंधित दस्तावेज तैयार करने में जुटा है। विशेष रूप से ईंधन अधिभार और संविदा कर्मियों से जुड़े रिकॉर्ड व्यवस्थित किए जा रहे हैं।

ईंधन अधिभार पर मंत्री की नाराजगी

ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ताओं पर लगाए गए 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इस महत्वपूर्ण फैसले से पहले उनसे कोई राय नहीं ली गई। नियामक आयोग ने भी अधिभार को नियमों के अनुरूप नहीं माना है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के बाद इस अतिरिक्त शुल्क को वापस लेने पर विचार किया जा सकता है। मंत्री ने स्वीकार किया है कि इस फैसले से उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ा है।

Also Read: ‘अधिकारियों के घर की बिजली कटवा दूंगा…’, विधायक शलभ मणि त्रिपाठी के गुस्से से हिला बिजली विभाग!

अध्यक्ष आशीष कुमार गोयल पर लगाए गंभीर आरोप

ऊर्जा मंत्री और पावर कॉर्पोरेशन के बीच चल रहा विवाद गुरुवार को खुलकर सामने आ गया था। मंत्री ने विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल को पत्र लिखकर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि जाति, धर्म और भ्रष्टाचार के आधार पर अनुभवी कर्मियों को हटाकर अयोग्य लोगों को अवसर दिए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने भविष्य में ऐसे फैसले न लेने की चेतावनी देते हुए इसे शासन का निर्देश माना जाने की बात कही।

बिजली उपभोक्ताओं को मिलने लगा सिक्योरिटी राशि का ब्याज

प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। अब जमा सुरक्षा धनराशि पर 6.50 प्रतिशत की दर से ब्याज का लाभ मिलना शुरू हो गया है। पावर कॉर्पोरेशन ने बिलिंग सॉफ्टवेयर में आवश्यक संशोधन कर ब्याज की राशि को बिजली बिलों में समायोजित करना शुरू कर दिया है। इस व्यवस्था से करीब 3.73 लाख उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा, जबकि कुल 4,616 करोड़ रुपये की जमा राशि पर लगभग 300 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में लौटाए जाएंगे।

Also Read:भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट चरम पर, VVIP इलाकों समेत पूरे शहर में अघोषित कटौती, ऊर्जा मंत्री पर सवाल

शिकायत के बाद हुआ सॉफ्टवेयर अपडेट

नियमों के तहत सुरक्षा जमा पर प्रत्येक तीन महीने में ब्याज दिया जाना चाहिए, लेकिन जून के बिलों में इसका समायोजन नहीं हो पाया था। इस पर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद शुक्रवार को सॉफ्टवेयर अपडेट कर ब्याज जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही अपना बिल जमा कर दिया है, उन्हें यह लाभ जुलाई के बिल में समायोजित होकर मिलेगा। साथ ही उपभोक्ताओं से अपने बिजली बिल की जांच करने की अपील भी की गई है।

( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)