UP: रायबरेली में गैस एजेंसियों की लापरवाही का खामियाजा हजारों उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। जिले में करीब 50 हजार एलपीजी उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो पाई है, जिसके कारण गैस सिलेंडर की बुकिंग और वितरण में गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं। शासन के निर्देशों के बावजूद हालात में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा है।
ई-केवाईसी न होने से बढ़ी उपभोक्ताओं की परेशानी
पिछले करीब ढाई महीने से बड़ी संख्या में उपभोक्ता रोज सुबह गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें केवल आश्वासन मिलता है और ई-केवाईसी लंबित होने का हवाला देकर सिलेंडर देने से मना कर दिया जाता है।
डीएम के निर्देश भी नहीं ला सके सुधार
स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसियों को अतिरिक्त काउंटर खोलकर प्राथमिकता के आधार पर ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके कई एजेंसियों में व्यवस्थाएं नहीं सुधरीं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसी संचालक प्रशासन के आदेशों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में और अधिक खराब हालात
शहरी इलाकों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी समस्या गहराती जा रही है। गांवों में रहने वाले उपभोक्ताओं को न तो समय पर सही जानकारी मिल पा रही है और न ही ई-केवाईसी की प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो रही है, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
जिला पूर्ति अधिकारी उबैदुर्रहमान ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि सभी गैस एजेंसियों को अलग से ई-केवाईसी काउंटर संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी एजेंसी की ओर से लापरवाही या मनमानी की शिकायत मिली तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही एजेंसियों की कार्यप्रणाली की गोपनीय जांच भी शुरू करा दी गई है।













































