UP: रामपुर मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण से जुड़े मामले में सोमवार को मुरादाबाद मंडलायुक्त की अदालत में प्रस्तावित सुनवाई नहीं हो सकी। अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण सुनवाई स्थगित कर दी गई। अब मामले की अगली सुनवाई 13 अगस्त को होगी।
यह मामला रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की ओर से विश्वविद्यालय परिसर में बने 40 भवनों में से 38 को बिना स्वीकृत नक्शे के निर्मित मानते हुए 15 जुलाई को जारी किए गए ध्वस्तीकरण आदेश से जुड़ा है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने RDA के इस आदेश को मंडलायुक्त की अदालत में चुनौती दी है।
मामले की सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय पक्ष की ओर से भवनों के निर्माण के साथ-साथ संबंधित क्षेत्र में लागू मास्टर प्लान और जोनल डेवलपमेंट प्लान को लेकर आपत्तियां उठाई गई हैं। विश्वविद्यालय प्रबंधन का पक्ष है कि भवनों के निर्माण और उनके संबंध में लागू नियमों को समुचित तरीके से देखा जाना चाहिए।
वहीं, RDA की ओर से कहा गया है कि जांच के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में कुल 40 भवनों में से 38 भवन बिना स्वीकृत नक्शे के निर्मित पाए गए। प्राधिकरण के मुताबिक, इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी कर सुनवाई का अवसर दिया गया था। प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया गया।
इस मामले में मंडलायुक्त की अदालत ने 27 जुलाई को RDA के ध्वस्तीकरण आदेश पर अपील लंबित रहने तक रोक लगा दी थी। इसके बाद 3 अगस्त को हुई सुनवाई में भी यह रोक जारी रखी गई थी।
अब सोमवार को अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के चलते सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी। मामले की अगली सुनवाई 13 अगस्त को निर्धारित की गई है। उस दिन दोनों पक्षों की दलीलें सुने जाने के बाद मामले में आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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