वाराणसी: लोलार्क षष्ठी पर संतान प्राप्ति की कामना लेकर देश के अलग-अलग राज्यों से दंपतियों का काशी पहुंचना शुरू हो गया है। भदैनी स्थित लोलार्क कुंड में स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देर रात से ही कुंड में स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालुओं की संख्या इतनी अधिक रही कि भदैनी से शिवाला तक करीब तीन किलोमीटर लंबी कतार लग गई। दंपति शुभ मुहूर्त में कुंड में डुबकी लगाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड समेत करीब 10 राज्यों से दंपति लोलार्क कुंड पहुंचे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं, जबकि हजारों दंपति अब भी अपनी बारी की प्रतीक्षा में हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार गुरुवार सुबह 6:31 बजे से 10:26 बजे तक स्नान का शुभ मुहूर्त है। इसे देखते हुए कई श्रद्धालु रात 12 बजे से ही कतार में लग गए।
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श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने भदैनी से शिवाला तक करीब तीन किलोमीटर क्षेत्र में बैरिकेडिंग की है। श्रद्धालुओं को बैरिकेडिंग के भीतर कतारबद्ध कर कुंड की ओर भेजा जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। प्रशासन की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
लोलार्क कुंड के मुख्य पुजारी रमेश कुमार पांडे के अनुसार, संतान प्राप्ति की कामना लेकर दूर-दराज से आने वाले दंपति कुंड में एक साथ तीन डुबकी लगाते हैं। मान्यता है कि लोलार्क षष्ठी पर यहां स्नान करने से संतान प्राप्ति की मनोकामना पूरी होती है।
उन्होंने बताया कि मनोकामना पूरी होने के बाद दंपति अपनी इच्छा के अनुसार कुंड में फल अर्पित करते हैं। कई श्रद्धालु स्नान के बाद अपने भीगे हुए कपड़े भी यहां छोड़ जाते हैं। इसके बाद लोलाकेश्वर महादेव का पूजन कर संतान प्राप्ति के लिए भगवान से आशीर्वाद मांगते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे कष्ट दूर होते हैं और ग्रहों की बाधाओं से भी मुक्ति मिलती है।



















































