कायमगंज, फर्रुखाबाद : आज के दौर में जहां लोग अक्सर अपने कामों में व्यस्त होकर दूसरों के दुख-दर्द से मुंह मोड़ लेते हैं, वहीं कायमगंज में एक संस्था के सदस्यों ने मानवता और सेवा की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने हर संवेदनशील व्यक्ति का दिल छू लिया। सड़क पर असहाय अवस्था में इधर-उधर भटक रही एक मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को संस्था के सदस्यों ने न केवल सहारा दिया, बल्कि उसकी साफ-सफाई कराकर उसे सम्मानपूर्वक जीवन जीने का एहसास भी कराया।
बताया गया कि उक्त महिला लंबे समय से नगर की सड़कों पर गंदे कपड़ों में घूमती नजर आती थी। उसकी हालत बेहद दयनीय थी। शरीर पर गंदगी की परतें जमी थीं और कोई भी उसके पास जाने का साहस नहीं कर रहा था। ऐसे में संस्था के सदस्यों ने आगे बढ़कर महिला की मदद करने का निर्णय लिया।
संस्था की महिलाओं और युवाओं ने पूरी संवेदनशीलता के साथ महिला को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर स्नान कराया। उसके बालों की सफाई की गई, शरीर पर जमी गंदगी हटाई गई और फिर उसे नए व साफ कपड़े पहनाए गए। इस दौरान महिला की देखभाल और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया। काफी देर तक चले इस सेवा कार्य के बाद महिला का रूप पूरी तरह बदल गया और उसके चेहरे पर सुकून की झलक दिखाई देने लगी।
मौके पर मौजूद लोगों ने संस्था के इस कार्य की जमकर सराहना की। लोगों का कहना था कि समाज में ऐसे कार्य ही मानवता को जीवित रखते हैं। जरूरतमंद और बेसहारा लोगों की मदद करना ही सच्ची सेवा है।
संस्था की ओर से कहा गया कि मानवता की सबसे बड़ी पहचान जरूरतमंद की सहायता करना है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास मौजूद किसी एक असहाय व्यक्ति की मदद करने का संकल्प ले ले, तो कोई भी इंसान उपेक्षा और अभाव का शिकार नहीं होगा।
इस सराहनीय सेवा कार्य में संस्था की सदस्य खुशबू मिश्रा, शिल्की मिश्रा, निकेता शाक्य, अंजू यादव और दिव्या शाक्य ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं डॉ. जितेंद्र गंगवार एवं मुशाहिद भाई ने भी पूरा सहयोग प्रदान किया।
कायमगंज में किए गए इस मानवीय कार्य ने एक बार फिर साबित कर दिया कि इंसानियत आज भी जिंदा है और जरूरत पड़ने पर कुछ लोग दूसरों के जीवन में उम्मीद की नई रोशनी बनकर सामने आते हैं।
















































