UP: अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले को लेकर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आज के दौर के ‘रावण’ केवल अपना स्वरूप बदल चुके हैं। उनके अनुसार, त्रेता युग में रावण ने माता सीता का हरण किया था, जबकि अब कुछ लोगों ने राम मंदिर के दानपात्र में श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास को ठेस पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि यह केवल धन की चोरी नहीं, बल्कि करोड़ों भक्तों के भरोसे के साथ विश्वासघात है।
‘दोषियों को भगवान का भी दंड मिलेगा’
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो दोषियों को कानून के साथ-साथ ईश्वर के न्याय का भी सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जैसे माता सीता का हरण करने वाले रावण का अंत हुआ था, उसी तरह भगवान के मंदिर में चोरी करने वालों को भी अपने कर्मों का परिणाम भुगतना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और जांच आगे बढ़ने पर अन्य जिम्मेदार लोगों का भी खुलासा हो सकता है।
SIT जांच के बाद आठ आरोपी गिरफ्तार
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों को नामजद करते हुए गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य अज्ञात व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।
इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू शामिल हैं। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है।
SIT की रिपोर्ट के बाद तेज हुई कार्रवाई
लखनऊ मंडल के आयुक्त एवं SIT प्रमुख विजय विश्वास पंत ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट शासन को सौंपते हुए कठोर कार्रवाई की सिफारिश की थी। रिपोर्ट मिलने के बाद एफआईआर दर्ज की गई और आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं तथा कथित अनियमितताओं का दायरा कितना बड़ा है।
संतोष दुबे ने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
इस मामले में बाबरी ढांचा विध्वंस प्रकरण के प्रमुख आरोपियों में रहे संतोष दुबे ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित रखी गई है, जबकि निर्णय लेने वाले जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों का नाम लेते हुए कहा कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर जिम्मेदारी तय होती है तो सभी संबंधित लोगों के खिलाफ समान रूप से कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

















































