लखनऊ: उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के 48वें प्रांतीय अधिवेशन का आयोजन शुक्रवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बाराबंकी इकाई के संयोजन में किया गया। अधिवेशन में प्रदेशभर से करीब 700 प्रधानाचार्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने, प्रधानाचार्यों की समस्याओं के समाधान तथा तदर्थ प्रधानाचार्यों के स्थायीकरण जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रधानाचार्य एक दीप स्तंभ की तरह समाज और राष्ट्र को दिशा देने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के लिए तनावमुक्त विद्यार्थी, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नकलविहीन परीक्षा और प्रसन्नचित्त शिक्षक-इन चार बिंदुओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि तदर्थ पदोन्नति पाकर कार्य कर रहे प्रधानाचार्यों के स्थायीकरण की मांग को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुखता से उठाया जाएगा।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी ने कहा कि वह स्वयं 23 वर्षों तक प्रधानाचार्य रहे हैं और प्रधानाचार्यों की समस्याओं से भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने परिषद की सभी मांगों के समाधान के लिए हर संभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया।
विधान परिषद सदस्य अवनीश कुमार सिंह ने कहा कि परिषद के ज्ञापन में शामिल प्रत्येक मांग पर माध्यमिक शिक्षा मंत्री एवं विभागीय अधिकारियों से वार्ता कर सकारात्मक समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने भी परिषद के प्रत्यावेदन पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया।
इससे पूर्व परिषद के संरक्षक मंडल के सदस्य डॉ. वीरेन्द्र त्रिपाठी ने मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए परिषद का प्रत्यावेदन प्रस्तुत किया। इसमें तदर्थ पदोन्नति प्राप्त प्रधानाचार्यों के नियमितीकरण की मांग को प्रमुखता से रखा गया।
अधिवेशन को रामायण विश्वविद्यालय अयोध्या के कुलपति डॉ. भानु प्रताप सिंह, ख्वाजा मुईनुद्दीन विश्वविद्यालय के उपकुलपति डॉ. राजकुमार सिंह, परिषद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मणिशंकर तिवारी, कार्यकारी अध्यक्ष देव भास्कर तिवारी, संरक्षक डॉ. टी.पी. सिंह, राजेन्द्र प्रसाद बाजपेयी, डॉ. सुशील कुमार शर्मा सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया।
कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री शैलेन्द्र दत्त शुक्ल ने संचालन किया। बाराबंकी प्रधानाचार्य परिषद के अध्यक्ष दिनेश चंद्र पाण्डेय एवं संगठन मंत्री अशोक त्रिपाठी ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। अधिवेशन में प्रदेशभर से आए बड़ी संख्या में प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
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