पश्चिम एशिया में जारी संकट को लेकर मंगलवार को विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा, ईरान और अन्य देशों के साथ बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय जहाजों को वापस लाना प्राथमिकता है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने क्या कहा?
एमईए के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ईरान और अन्य देशों के साथ हमारी बातचीत जारी है। जैसा कि हमारे विशेष सचिव ने बताया, कई जहाज अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में मौजूद हैं। हमारा इरादा ईरान और अन्य देशों के साथ मिलकर इन जहाजों को सुरक्षित वापस लाना है। यही हमारा उद्देश्य है और इस मुद्दे पर बातचीत जारी है। मानवीय सहायता के संबंध में भी हम ईरान के साथ कई मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।
ब्रिक्स के रुख पर क्या कहा?
रणधीर जायसवाल ने कहा, ब्रिक्स की अध्यक्षता हमारे पास है। ब्रिक्स आपसी सहमति के आधार पर काम करता है। जैसा कि आप जानते हैं, इस समय चल रहे संघर्ष में ब्रिक्स के कई सदस्य शामिल हैं। इसी वजह से देशों के बीच अलग-अलग रुख को एक साथ लाना मुश्किल हो रहा है। लेकिन हम सभी पक्षों के साथ लगातार जुड़े हुए हैं और बातचीत कर रहे हैं।
विदेश मंत्री की ब्रसेल्स यात्रा पर क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने बताया कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूरोप के अपने समकक्षों के साथ वैश्विक चुनौतियों, खासकर पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर चर्चा की। यह बातचीत विदेश मामलों की परिषद की बैठक के दौरान हुई। प्रवक्ता जायसवाल ने आगे कहा, हमारे विदेश मंत्री ब्रसेल्स गए थे। उन्हें यूरोपीय संघ की शीर्ष प्रतिनिधि काजा कालास ने यूरोपीय संघ की विदेश मामलों की परिषद की बैठक में आमंत्रित किया था। इस बैठक में भारत-यूरोपीय संघ संबंधों के अलावा वैश्विक चुनौतियों, खासकर पश्चिम एशिया की स्थिति और उसके ऊर्जा सुरक्षा पर असर पर चर्चा हुई। मंत्रियों ने इस संघर्ष को जल्द खत्म करने के लिए बातचीत और कूटनीति की जरूरत पर जोर दिया।
INPUT-ANANYA MISHRA














































