गोंडा : ज़िले में ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर न्यायपालिका की ओर से एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। जिला जज दुर्गा नारायण सिंह ने सरकारी वाहन का उपयोग छोड़ पैदल ही कोर्ट पहुंचकर अनोखी मिसाल पेश की है। उनकी इस पहल ने न सिर्फ न्यायिक अधिकारियों बल्कि आम लोगों का भी ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
सुबह जब जिला जज अपने सरकारी आवास से पैदल कोर्ट के लिए निकले तो उनके साथ नाजिर, अर्दली और सुरक्षाकर्मी भी मौजूद रहे। यह दृश्य देखकर कोर्ट परिसर में मौजूद लोग भी हैरान रह गए। जिला जज की पहल से प्रेरित होकर जनपद के अन्य कई न्यायिक अधिकारी भी बिना सरकारी गाड़ियों के पैदल कोर्ट पहुंचे।
जिला जज ने आम जनता से भी अपील की कि छोटे-मोटे कार्यों के लिए पैदल चलने या साइकिल का इस्तेमाल करने की आदत डालें। उन्होंने कहा कि बड़ी गाड़ियों का उपयोग केवल जरूरत पड़ने पर ही किया जाना चाहिए। न्यायपालिका की इस अनोखी पहल की शहरभर में चर्चा हो रही है।
लोगों का कहना है कि जब समाज को दिशा देने वाले न्यायिक अधिकारी खुद ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगे, तो इसका सकारात्मक असर आम जनता पर भी जरूर पड़ेगा। ईंधन बचाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने की दिशा में गोंडा न्यायपालिका की यह पहल अब लोगों के लिए प्रेरणा बनती नजर आ रही है।
बता दें कि, गोंडा में अधिकांश न्यायिक अधिकारियों के सरकारी आवास कोर्ट परिसर के आसपास ही स्थित हैं। ऐसे में जिला जज ने संदेश दिया कि छोटी दूरी तय करने के लिए वाहनों का अत्यधिक प्रयोग न केवल ईंधन की बर्बादी है, बल्कि पर्यावरण पर भी इसका असर पड़ता है।













































