सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया के गोरखपुर सेंटर का सीएम योगी ने किया लोकार्पण

गोरखपुर, 26 मार्च। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि टेक्नोलॉजी विकास की रफ्तार को कई गुना बढ़ा सकती है। हमारी गति को प्रगति में बदल सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। बजट में टेक्नोलॉजी पर विशेष ध्यान देने का प्रयास किया है।

 

सीएम योगी गुरुवार को गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के गोरखपुर सेंटर के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब हम तकनीक नहीं अपनाते, उससे परहेज करते हैं तो प्रतिस्पर्धा में नहीं होते हैं। और, जब प्रतिस्पर्धा में नहीं होते हैं तो प्रगति की जगह दुर्गति की ओर जाते हैं। हमें प्रगति की ओर नहीं जाना है बल्कि प्रगति का अनुसरण करना है।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारे युवाओं में बहुत टैलेंट है। उसके टैलेंट को जब हम टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ते हैं तो वह अपनी प्रतिभा को कई गुना तेजी के साथ आगे बढ़ाने में सफल होता है। यही कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र ने पिछले 11 वर्षों में देश में किया है। सीएम योगी ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी भारत में है। यहां युवाओं में स्केल तो था लेकिन उसे वर्ष 2014 के पहले की सरकारों ने महत्व नहीं दिया। स्केल को स्किल में बदलने का प्रयास नहीं किया, कोई प्लेटफार्म नहीं उपलब्ध करवाया। परिणाम था कि युवा हतोत्साहित होता था, पलायन करता था। युवाओं के मन में निराशा थी। पर, 2014 के बाद एक-एक करके हर एक क्षेत्र में परिवर्तन देखने को मिल रहा है। न केवल भारत सरकार के स्तर पर बल्कि हर जनपद स्तर पर युवाओं के स्केल को स्किल में बदलने के लिए अनेक कार्यक्रम प्रारंभ हुए। उन कार्यक्रमों की श्रृंखला में एसटीपीआई का गोरखपुर केंद्र भी अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी है। इसका शुभारंभ वासन्तिक नवरात्र की अष्टमी तिथि पर होना शुभ लक्षण है और हम सब का ध्यान आकर्षित करता है कि वास्तव में इसका भविष्य उज्जवल है।

 

*एसटीपीआई से मिलेगी युवाओं के सपनों को नई उड़ान*

मुख्यमंत्री ने कहा कि एसटीपीआई का गोरखपुर सेंटर गोरखपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगा। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क की सबसे बड़ी विशेषता है कि स्टार्टअप चलाने वाला व्यक्ति केवल अपना कंप्यूटर लेकर वहां जाएगा। उसे जगह, विद्युत कनेक्शन और अन्य जन सुविधाओं की चिंता नहीं करनी है। देश और दुनिया में जहां कहीं भी सॉफ्टवेयर की टेक्नोलॉजी आज अपनी धमक दिखा रही है, उसके पीछे यही मॉडल सब जगह सफल हुए हैं। गोरखपुर में पहली बार इसे शुरू किया जा रहा है। प्लग एंड प्ले मॉडल पर यहां के युवाओं को अपने स्टार्टअप के लिए प्लेटफार्म उपलब्ध हुआ है।

 

*15 अप्रैल को होगा पूर्वी यूपी के पहले सेंटर आफ एक्सीलेंस का शुभारंभ*

मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अप्रैल को गोरखपुर में पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर आफ एक्सीलेंस का शुभारंभ भी हो जाएगा। यह सेंटर आफ एक्सीलेंस महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) में बना है। ये सभी कार्यक्रम दिखाते हैं कि अब केवल हार्डवेयर में ही नहीं, बल्कि सॉफ्टवेयर में भी पूर्वी उत्तर प्रदेश का युवा अपनी प्रतिभा का परिचय वैश्विक मंच पर देने में सफल हो पाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्ष के अंदर स्टार्टअप संस्कृति को आगे बढ़ाने का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश में बीस हजार से अधिक स्टार्टअप काम कर रहे हैं और इनमें से आधे महिलाओं द्वारा संचालित किया जा रहे हैं। यानी महिलाएं भी इस फील्ड में अच्छा कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के अंदर प्रतिभा है लेकिन उसके अपने हुनर को मंच चाहिए।

 

*एमएमएमयूटी में बनेगा ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी का सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस*

मुख्यमंत्री ने ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी को भविष्य की ऊर्जा बताते हुए कहा कि सरकार गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनवा रही है। इसके लिए 50 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।एनर्जी के लिए हमें किसी अन्य देश पर निर्भर न रहना पड़े, इसके लिए ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी इसका एक माध्यम बनने वाली है। सीएम ने कहा कि हम लोग जापान गए थे। जापान के साथ हमारी बातचीत हुई है। जापान में ग्रीन हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी काफी एडवांस्ड स्टेज में है। हम उनसे मिल करके इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाएंगे। टेक्नोलॉजी को आने में थोड़ा समय लगता है। इनोवेशन को रिसर्च एंड डेवलपमेंट में बदलने में थोड़ा समय लगता है।

 

*संभावनाओं के अनुरूप विकसित किए जा रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस*

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जिस क्षेत्र में जो संभावनाएं हैं, उसी को देखकर सेंटर आफ एक्सीलेंस विकसित किए जा रहे हैं। आईआईटी कानपुर में मेडिटेक के लिए एक सेंटर आफ एक्सीलेंस, एसजीपीजीआई लखनऊ में भी एक सेंटर आफ एक्सीलेंस विकसित करने की कार्यवाही को आगे बढ़ाया गया है। कानपुर में लेदर और कानपुर में ड्रोन टेक्नोलॉजी का, नोएडा, ग्रेटर नोएडा में रोबोटिक्स का सेंटर आफ एक्सीलेंस विकसित करने के लिए धनराशि उपलब्ध करवाई गई है। एग्रीकल्चर के फील्ड में भी टेक्नोलॉजी कहां पर उपयोगी हो सकती है, इसके लिए सरकार विश्व बैंक के साथ मिलकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के 28 जिलों और बुंदेलखंड के सात जिलों में एग्रीटेक पर काम कर रही है। ऐसे ही स्टार्टअप डेयरी, मत्स्य फलन और अन्य फील्ड में भी स्थापित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सॉफ्ट स्किल ने अस्पताल और एम्बुलेंस सेवाओं को भी आसान किया है।

 

नौ वर्षों में गोरखपुर के विकास में हुआ एक लाख करोड़ रुपये का निवेश

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान गोरखपुर के विकास और इसकी उपलब्धियां की भी विस्तार से चर्चा की उन्होंने बताया कि बीते नौ वर्षों में गोरखपुर के विकास में एक लाख करोड रुपये का निवेश हुआ है। यहां एम्स, खाद कारखाना, पिपराइच चीनी मिल बनी। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक बना। आयुष विश्वविद्यालय, कई पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग संस्थान बने। स्केल डेवलपमेंट के केंद्र बने। चारों ओर हाईवे और फोरलेन की कनेक्टिविटी हुई। गोरखपुर से अंदर की सड़कों को लेकर, अन्य तमाम प्रकार की सुविधाओं को लेकर काम हुए। गोरखपुर में एक लाख करोड रुपये लगने से लाखों नौजवानों के लिए नौकरी और रोजगार की संभावना भी आगे बढ़ी है।

 

गीडा में दिखती है नवनिर्माण की नई प्रगति

सीएम योगी ने कहा कि गीडा ने पिछले नौ वर्ष में नवनिर्माण की नई प्रगति को देश और दुनिया के सामने रखा है। एक समय था जब गीडा में दो उद्योग लगे थे। उन दो उद्योगों में केवल 29 से 30 करोड रुपये की पूंजी लगी थी। जबकि पिछले नौ वर्ष में यहां लगभग 350 से अधिक उद्योग लगे हैं, 17000 करोड रुपये से अधिक का निवेश हुआ है। 50000 से अधिक नौजवानों को नौकरी और रोजगार की संभावना अकेले गीडा ने विकसित की है। उन्होंने कहा कि गीडा में प्लग एंड प्ले के जिस मॉडल पर सॉफ्टवेयर पार्क विकसित हुआ है, ऐसे ही यहां पर सरकार फ्लैटेड फैक्ट्री के कार्यक्रम को लेकर आई है। गीडा में प्लास्टिक पार्क भी विकसित हो रहा है। अच्छी-अच्छी फैक्ट्रियां आज यहां पर लग रही हैं। ये फैक्ट्रियां यहां के नौजवानों के सपनों को नई उड़ान देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेंगी।

 

एसटीपीआई को धन्यवाद दिया सीएम ने

गोरखपुर में सेंटर खोलने के लिए मुख्यमंत्री ने एसटीपीआई की पूरी टीम को धन्यवाद दिया। साथ ही अपील की कि इस सेंटर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के तकनीकी और उच्च शिक्षा संस्थानों से जोड़ें ताकि स्टार्टअप संस्कृति को सरलता से आगे बढ़ाया जा सके।

 

ईरान-अमेरिका युद्ध से दुनिया में हाहाकार पर भारत सुरक्षित और विकास पथ पर

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध के प्रभावों की भी चर्चा की। कहा कि इस युद्ध से मध्य पूर्व एशिया पूरा उससे प्रभावित है। पूरी दुनिया ही लगभग प्रभावित है। दुनिया में हाहाकार है, अव्यवस्था और अराजकता है। पर, पीएम मोदी के शानदार और यशस्वी नेतृत्व में भारत सुरक्षित भी हैं और अपनी विकास की यात्रा को आगे बढ़ा रहा है।

 

अफवाहों पर ध्यान न दें, सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें

सीएम योगी ने कहा ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच युद्ध लंबा खिंचा तो हर व्यक्ति प्रभावित होगा। हमें उसके लिए मानसिक रूप से उसके लिए तैयार रहना होगा। अफवाहों पर ध्यान नहीं देना होगा। उन्होंने कहा कि जब कोई चुनौती आती है तो उसका मुकाबला करने के लिए व्यक्ति को सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए खुद को तैयार करना होगा। यही सच्ची राष्ट्रभक्ति होगी। उन्होंने कहा कि जब हम सरकार के साथ किसी भी राष्ट्रीय मुद्दे पर काम करते हैं तो अच्छे परिणाम हम सबके सामने आएंगे। राष्ट्रभक्ति यह कहती है कि देश के हित में सरकार ने कोई कदम उठाया है तो हम लोग उसके लिए अपने आप को तैयार रखें।

 

बारी आने पर घर पहुंच जाएगा रसोई गैस का सिलिंडर

मुख्यमंत्री ने रसोई गैस और पेट्रोलियम पदार्थों को लेकर उठ रही अफवाहों पर भी लोगों को सचेत किया। कहा कि खाड़ी युद्ध से पहले किसी के घर में एक महीने तक रसोई गैस का सिलिंडर चल जाता था तो वह अब पांचवें, छठे दिन ही सिलिंडर लेने क्यों पहुंच रहा है। जब नंबर आएगा तो उसके पांच दिन पहले जाएं, अपना रजिस्ट्रेशन कराएं तो घर तक रसोई गैस पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अंदर जिला प्रशासन से यह व्यवस्था करने को कहा गया है कि जैसे पहले होम डिलीवरी होती थी वैसे ही हो। लाइन लगाने की आवश्यकता नहीं है। सीएम ने कहा कि कुछ लोग अफवाह फैला कर माहौल खराब करना चाहते हैं। कुछ लोग हैं अव्यवस्था पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने पैनिक होने से बचने की सलाह दी और कहा कि जब आपकी बारी आएगी तो आप तक रसोई गैस पहुंच जाएगी। जब आवश्यकता हो तभी आप डीजल, पेट्रोल लेने के लिए जाएं। इसमें लाइन लगाने की आवश्यकता क्या है। उन्होंने कहा कि अगर हम उतावलेपन में आकर दुष्प्रचार और अफवाह के चक्कर में पड़ते हैं तो लगता है कि हम लोगों की राष्ट्रभक्ति पर कोई संदेह है। हमें अपने राष्ट्रीय नेतृत्व को इस बात के लिए धन्यवाद देना चाहिए कि भारत के अंदर सब कुछ अच्छा है। उत्साह के माहौल में उत्सव मनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कल रामनवमी है। रामनवमी का कार्यक्रम उत्साह पूर्ण तरीके से मनाया जाएगा। अयोध्या में कल 12 बजे श्रीराम जन्मभूमि पर सूर्य भगवान भी भगवान राम का राजतिलक करेंगे। यह नया भारत विरासत और विकास पर विश्वास करता है।

 

सीएम योगी के मार्गदर्शन में यूपी बनेगा आईटी का अग्रणी प्रदेश : अजीत पाल

समारोह में प्रदेश सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के राज्यमंत्री अजीतपाल सिंह ने कहा कि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश को आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। यूपी में बड़ी-बड़ी कंपनियां निवेश कर रही हैं और इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा विकास करना है जिसमें हर वर्ग, हर क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित हो। श्री सिंह में कहा कि पूर्वांचल के युवाओं के लिए यह सॉफ्टवेयर पार्क महत्वपूर्ण उपलब्धि बनेगा। यहां के युवाओं को आईटी के क्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे और अपने क्षेत्र में ही रोजगार करने का अवसर प्राप्त होगा। गोरखपुर के युवा वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकेंगे।

 

निस्वार्थ संत के सीएम बनने से यूपी में आया रामराज्य: रविकिशन

एसटीपीआई गोरखपुर सेंटर के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि एक निस्वार्थ संत के मुख्यमंत्री बनने से उत्तर प्रदेश में रामराज्य आया है। सीएम योगी के मार्गदर्शन में यूपी में 50 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है। यूपी बीमारू राज्य से उत्तम प्रदेश बना है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत करते हुए सहजनवा के विधायक प्रदीप शुक्ल ने कहा कि विकास के प्रतिमान गढ़ रहे गीडा में सीएम योगी के मार्गदर्शन में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क के रूप में नई सौगात मिली है।

 

आठ साल में तीन गुना हुआ यूपी से सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट: अरविंद कुमार

समारोह में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में यूपी में निवेश आ रहा है और यह सॉफ्टवेयर क्षेत्र के लोगों की भी पसंद बन रहा है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में बना यह सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क जनपद और प्रदेश के युवाओं को आईटी के क्षेत्र में गुणवत्ता तथा निर्यात बढ़ाने में सहयोग प्रदान करेगा। अरविंद कुमार ने एसटीआईपी के उद्देश्यों के बारे में भी जानकारी दी। बताया कि अबतक 70 सेंटर बन चुके हैं। गोरखपुर में एसटीपीआई का यह छठवां सेंटर है। यूपी में दो और सेंटर भी लगभग बन गए हैं। उन्होंने कहा कि देश मे सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट 19 लाख करोड़ रुपये का है और यह विश्व में नम्बर एक है। इसमें एसटीआईपी से रजिस्टर्ड यूनिट का योगदान 11 लाख करोड़ का है। एसटीआईपी के महानिदेशक ने सॉफ्टवेयर क्षेत्र में यूपी के बढ़ते कदम की चर्चा करते हुए बताया कि यूपी से बीते आठ सालों में सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट तीन गुना हो गया है।

इस अवसर पर प्रदेश सरकार में मत्स्य विभाग के मंत्री डॉ. संजय निषाद, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, राजेश त्रिपाठी, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रशासनिक सलाहकार अवनीश अवस्थी, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

 

एसटीपीआई सेंटर का निरीक्षण कर स्टार्टअप वाले युवाओं से संवाद किया मुख्यमंत्री ने

एसटीपीआई गोरखपुर सेंटर की पट्टिका का अनावरण और फीता काटकर लोकार्पण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेंटर भवन का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं, सुविधाओं और कार्यप्रणाली की विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने यहां स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं और आईटी प्रोफेशनल्स से संवाद किया और उनके नव उद्यमों के बारे में चर्चा की। सीएम योगी ने सेंटर भवन में रामलला की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर प्रभु की आराधना भी की। साथ ही एसटीपीआई गोरखपुर सेंटर के परिसर में रुद्राक्ष का पौधा रोपित किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मंच पर जाने से पहले सीएम योगी ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर गीडा की परियोजनाओं की जानकारी ली।

 

साढ़े तीन एकड़ क्षेत्रफल में बीस करोड़ रुपये की लागत से बना है सॉफ्टवेयर पार्क

गीडा में मुख्यमंत्री के हाथों लोकार्पित हुआ सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क साढ़े तीन एकड़ क्षेत्रफल में बीस करोड़ रुपये की लागत से बना है। एसटीपीआई के गोरखपुर केंद्र में 50 सीटर प्लग एंड प्ले कार्यक्षेत्र को विकसित किया गया है। साथ ही 6000 वर्गफुट में रॉ इंक्यूबेशन स्पेस, इतने ही क्षेत्रफल में सेमी फर्निश्ड इंक्यूबेशन स्पेस, 54 व्यक्तियों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम, अत्याधुनिक कांफ्रेंस रूम, अत्याधुनिक नेटवर्क ऑपरेशन्स सिस्टम, कैफेटेरिया और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह केंद्र आईटी, आईटीईएस (इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एनेबल्ड सर्विस), बीपीओ (बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग) और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए हाई-स्पीड इंटरनेट और बुनियादी ढांचा प्रदान करेगा। यह केंद्र योगी सरकार की तरफ से प्रदेश के टियर-टू शहरों में तकनीकी उद्यमिता को बढ़ावा देने की योजना का हिस्सा है। यह केंद्र (आईटी पार्क) युवाओं को स्टार्टअप से जोड़ने से महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यहां डाटा क्लेक्शन, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, रिमोट इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट जैसे स्टार्टअप शुरू होने की उम्मीद है। इससे आईटी आधारित उद्यमिता में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।