चंदौली : पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर मुगलसराय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर असम के चाय बागानों में काम करने वाले 30 मजदूरों (25 महिलाएं और 5 पुरुष) का वर्षों पुराना सपना साकार हुआ है। इन मजदूरों को अयोध्या में राम मंदिर और वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन कराए गए।
यह पहल 1 अप्रैल को प्रधानमंत्री के असम दौरे के दौरान शुरू हुई। उस समय, प्रधानमंत्री ने मजदूरों से बातचीत में पूछा था कि क्या वे कभी काशी और अयोध्या गए हैं। मजदूरों ने इन धार्मिक स्थलों के दर्शन की इच्छा व्यक्त की थी, जिसे प्रधानमंत्री ने तुरंत पूरा करने का निर्णय लिया।
इस पहल के तहत, डिब्रूगढ़ के चाय बागान से आए इन मजदूरों को अयोध्या में राम मंदिर और वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन का अवसर मिला। इस धार्मिक यात्रा ने उन्हें भावुक कर दिया। मजदूरों ने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे यादगार पल है, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी।
दर्शन-पूजन के बाद, सभी मजदूर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पहुंचे, जहां से वे असम के लिए रवाना हुए। उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह यात्रा उनके लिए केवल एक भ्रमण नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक और आत्मिक अनुभव रही।
इस पहल को सामाजिक संवेदनशीलता और जनसंपर्क का एक अनूठा उदाहरण माना जा रहा है। इसने दूरदराज के श्रमिकों को देश की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर से जोड़ने का कार्य किया है।














































