UP: उत्तर प्रदेश में आर्थिक अपराधों के खिलाफ कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि धोखाधड़ी, जालसाजी, गबन और वित्तीय अपराधों की जांच सख्त तरीके से की जाए। इसी अभियान के तहत बुधवार को लखनऊ में बैंक ऋण लेकर फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी के निर्देश
बैठक में लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने पुराने प्रकरणों के जल्द निस्तारण और वांछित आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2026 में 31 मई तक 155 मामलों की जांच और संबंधित कार्रवाई पूरी की जा चुकी है, जबकि 71 आरोपियों की गिरफ्तारी भी की गई है।
सीएम योगी के सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन मामलों में पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हैं, उनमें अभियोजन प्रक्रिया को तेज किया जाए ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण विवेचना, प्रभावी पैरवी और महत्वपूर्ण मामलों की नियमित निगरानी पर विशेष जोर दिया, जिससे दोषसिद्धि की दर बढ़ाई जा सके।
केस मैनेजमेंट सिस्टम से होगी रियल टाइम निगरानी
जांच प्रक्रिया को आधुनिक बनाने के लिए ईओडब्ल्यू ने केस मैनेजमेंट सिस्टम (CMS) विकसित किया है। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म ऑनलाइन रिपोर्टिंग, रियल टाइम मॉनिटरिंग और डैशबोर्ड आधारित निगरानी की सुविधा उपलब्ध कराएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कोई भी जांच अधिकारी किसी मामले को तीन महीने से अधिक लंबित न रखे और इसके लिए जवाबदेही भी तय की जाए।
पोंजी स्कीम और साइबर फ्रॉड के खिलाफ जागरूकता अभियान
मुख्यमंत्री ने आर्थिक अपराधों से बचाव के लिए जनजागरूकता को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने पोंजी स्कीम, मल्टीलेवल मार्केटिंग, चिटफंड घोटालों और साइबर ठगी जैसे मामलों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही ईओडब्ल्यू को आधुनिक तकनीक, संसाधनों और प्रशिक्षण से सशक्त बनाने पर भी जोर दिया गया।

















































