‘ऐसे पहनो बुर्का…’, नासिक TCS धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न कांड में बड़े खुलासे, सामने आया HR हेड निदा खान का ‘खतरनाक प्लान’

नासिक TCS कांड: महाराष्ट्र के नासिक स्थित TCS BPO कैंपस से जुड़े एक मामले में सात कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि ये लोग मिलकर एक संगठित तरीके से महिला कर्मचारियों को निशाना बनाते थे। शिकायतों के अनुसार, इनका उद्देश्य सहकर्मी महिलाओं को फंसाना, उनका यौन उत्पीड़न करना और उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाना था।

बैंक खातों और फंडिंग की जांच शुरू

पुलिस अब इस मामले की आर्थिक जांच भी कर रही है। सभी आरोपियों के बैंक खातों का विवरण बैंकों से मांगा गया है। जांच में यह देखा जा रहा है कि उनकी आय केवल कंपनी की सैलरी तक सीमित थी या फिर बाहर से भी किसी तरह की फंडिंग मिल रही थी। अधिकारियों के अनुसार, अगर अतिरिक्त धन स्रोतों के संकेत मिलते हैं तो मामला और गंभीर हो सकता है।

‘संगठित नेटवर्क’ की आशंका की जांच

जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या यह पूरा मामला कुछ व्यक्तियों तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। विशेष जांच दल (SIT) का फोकस अब इसी पहलू पर केंद्रित हो गया है।

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मुख्य आरोपी निदा खान फरार

इस मामले में निदा खान नाम की महिला का नाम भी सामने आया है, जो फिलहाल फरार बताई जा रही है। आरोप है कि वह टीम लीडर्स के साथ मिलकर पूरे घटनाक्रम में अहम भूमिका निभा रही थी। जांच के दौरान पता चला की वो ऑफिस के महिलाओं को बुर्का पहनना सिखाती थी और मुस्लिम धार्मिक चीजों को करने के लिए दवाब बनती थी। गिरफ्तारी को जांच में एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।

आठ महिला कर्मचारियों की शिकायत से खुला मामला

इस प्रकरण की शुरुआत आठ महिला कर्मचारियों की शिकायतों से हुई। आरोप है कि उन्हें मानसिक और यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। शिकायतें HR विभाग तक पहुंचने के बावजूद उन पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, जिससे विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं।

व्हाट्सएप ग्रुप और दबाव बनाने के आरोप

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया हुआ था, जिसके जरिए कथित रूप से कर्मचारियों को टारगेट किया जाता था। पीड़ितों का दावा है कि उन पर धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने और व्यक्तिगत आचरण बदलने का दबाव बनाया गया।

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कंपनी और टाटा समूह का रुख

TCS ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह उत्पीड़न के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाती है। सभी आरोपियों को निलंबित कर दिया गया है और आंतरिक जांच जारी है। टाटा संस के चेयरमैन ने भी मामले को गंभीर और दुखद बताते हुए विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।

आरोपियों की पहचान और स्थिति

पुलिस ने अब तक सात कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें छह पुरुष और एक महिला ऑपरेशंस मैनेजर शामिल हैं। सभी पर यौन उत्पीड़न, धार्मिक दबाव और कथित रूप से धर्म परिवर्तन के प्रयास जैसे गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं।

जांच का दायरा बढ़ा

पहले जहां जांच शिकायतों की पुष्टि तक सीमित थी, वहीं अब इसे विस्तृत कर आर्थिक लेन-देन और संभावित नेटवर्किंग तक बढ़ा दिया गया है। SIT पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

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