पिछले 72 घंटों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और इंस्टाग्राम पर एक अनोखा नाम तेजी से ट्रेंड कर रहा है ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP)। महज तीन दिनों के भीतर इस डिजिटल अभियान से एक लाख से अधिक युवा जुड़ चुके हैं, जबकि इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स की संख्या 5.5 MILLION के पार पहुंच गई है। इस वायरल आंदोलन के केंद्र में हैं 30 वर्षीय अभिजीत दीपके, जिन्होंने बेरोजगारी और युवाओं की निराशा को व्यंग्य के जरिए नई आवाज देने की कोशिश की है।
आखिर कौन हैं अभिजीत दीपके?
महाराष्ट्र के औरंगाबाद यानी छत्रपति संभाजीनगर से ताल्लुक रखने वाले अभिजीत दीपके पेशे से पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रेटेजिस्ट हैं। उन्होंने पुणे से पत्रकारिता में स्नातक की पढ़ाई की और बाद में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका का रुख किया। हाल ही में उन्होंने बॉस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस (PR) में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री पूरी की है।
राजनीति और सोशल मीडिया में पुराना अनुभव
अभिजीत दीपके राजनीतिक संचार और सोशल मीडिया अभियानों में पहले से सक्रिय रहे हैं। वर्ष 2020 से 2022 के दौरान वे आम आदमी पार्टी (AAP) की सोशल मीडिया टीम में एक प्रमुख वॉलेंटियर के तौर पर जुड़े रहे। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए कई मीम्स और डिजिटल कैंपेन के पीछे उनकी रणनीति को अहम माना जाता है। इसके अलावा वे दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग में कम्युनिकेशन एडवाइजर की भूमिका भी निभा चुके हैं।
कैसे शुरू हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस व्यंग्यात्मक आंदोलन की शुरुआत सुप्रीम कोर्ट की एक मौखिक टिप्पणी के बाद हुई। 15 मई 2026 को फर्जी डिग्री से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कथित तौर पर कहा था कि कुछ लोग ‘कॉकरोचों की तरह’ लॉ, मीडिया और आरटीआई एक्टिविज्म कर सिस्टम में घुस जाते हैं। हालांकि बाद में अदालत की ओर से स्पष्ट किया गया कि यह टिप्पणी आम बेरोजगार युवाओं के लिए नहीं थी, बल्कि फर्जी डिग्री धारकों के संदर्भ में कही गई थी।
लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर यह बयान वायरल हो चुका था और युवाओं के बीच नाराजगी बढ़ने लगी। बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और भविष्य को लेकर असुरक्षा से जूझ रहे युवाओं की भावनाओं को अभिजीत दीपके ने तुरंत पहचान लिया।
16 मई को उन्होंने X पर एक व्यंग्यात्मक पोस्ट किया, ‘क्या हो अगर सारे कॉकरोच एक साथ आ जाएं?’ इसके साथ ही उन्होंने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम से एक वेबसाइट और गूगल फॉर्म लॉन्च कर दिया, जिसने देखते ही देखते इंटरनेट पर तूफान खड़ा कर दिया।
‘क्रोनिकली ऑनलाइन’ युवाओं को बनाया पहचान
इस डिजिटल अभियान की सबसे खास बात इसकी अनोखी सदस्यता शर्तें रहीं। पार्टी में शामिल होने के लिए ‘बेरोजगार’, ‘आलसी’, ‘क्रोनिकली ऑनलाइन’ और ‘प्रोफेशनल दुखड़ा रोने वाले’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिसे Gen-Z युवाओं ने बेहद पसंद किया। यही कारण रहा कि यह आंदोलन तेजी से मीम कल्चर और इंटरनेट ट्रेंड का हिस्सा बन गया। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे युवाओं की हताशा और व्यवस्था के प्रति गुस्से का प्रतीक बताया।
नेताओं का भी मिला समर्थन
इस व्यंग्यात्मक अभियान को राजनीतिक हलकों से भी प्रतिक्रिया मिली। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा और नेता कीर्ति आजाद सहित कई चर्चित चेहरों ने सोशल मीडिया पर इस ट्रेंड का समर्थन किया। हालांकि शुरुआत मजाक और व्यंग्य के तौर पर हुई थी, लेकिन अब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बेरोजगारी, परीक्षा घोटालों, मानसिक तनाव और युवाओं की राजनीतिक निराशा जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा का केंद्र बनती जा रही है।









































