यूपी में फिर शुरू हुआ पोस्टर वॉर, इस बार 2014 बदायूं कांड को लेकर सपा पर प्रहा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राजनीतिक तनाव के बीच एक बार फिर पोस्टर वॉर छिड़ गया है। इस बार 2014 के बदायूं डबल रेप और हत्या कांड को लेकर भाजपा समर्थकों ने अखिलेश यादव सरकार पर सीधा हमला बोला है।

विभिन्न जिलों में लगे होर्डिंग्स पर 2014 की घटना का जिक्र करते हुए लिखा गया है कि “अखिलेश सरकार में हुई थी घटना, सारे आरोपी यादव समाज के” और “शाक्य समाज की थीं मृतक लड़कियां”।

 

कहां-कहां लगे होर्डिंग?

होर्डिंग्स बदायूं, नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, हरदोई, कानपुर, शाहजहांपुर, कन्नौज, उन्नाव और कानपुर देहात सहित कई जिलों में लगाए गए हैं। होर्डिंग में यह भी लिखा है कि बदायूं कांड के बाद पूरा देश अखिलेश यादव सरकार के प्रति गुस्से से भरा हुआ था।

 

2014 बदायूं कांड की याद

2014 में बदायूं में दो शाक्य समाज की नाबालिग बहनों के साथ बलात्कार के बाद उनकी हत्या कर दी गई थी। शव पेड़ पर लटकाए हुए मिले थे। इस घटना ने पूरे देश में तीखी प्रतिक्रिया पैदा की थी। उस समय यूपी में अखिलेश यादव की सरकार थी।

पोस्टर में आरोप लगाया गया है कि सभी मुख्य आरोपी यादव समाज के थे और उस समय सरकार ने मामले को प्रभावी ढंग से नहीं संभाला।

 

12 साल बाद पोस्टर वॉर

बदायूं कांड की घटना को 12 साल पूरे होने पर इस पोस्टर अभियान को शुरू किया गया है। राजनीतिक जानकार इसे 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी के रूप में देख रहे हैं।

सपा की ओर से अभी तक इस पोस्टर वॉर पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, पिछले दिनों ब्राह्मण समाज पर विवादित बयान को लेकर सपा पहले ही घिर चुकी है। अब बदायूं कांड के मुद्दे पर सपा पर निशाना साधा जा रहा है।

 

राजनीतिक माहौल

यूपी में इस समय सपा और भाजपा के बीच तीखा आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चल रहा है। बदायूं कांड जैसे संवेदनशील मुद्दे को फिर से उठाकर भाजपा विपक्ष पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।

पुलिस प्रशासन इन होर्डिंग्स पर नजर रखे हुए है। अभी तक किसी जिले से इन होर्डिंग्स को हटाने की खबर नहीं आई है।

 

अभी की स्थिति

बदायूं कांड के 12 साल बाद शुरू हुआ यह पोस्टर वॉर यूपी की राजनीति को फिर से गर्माने वाला साबित हो रहा है। खासकर यादव और शाक्य समाज के बीच polarization को बढ़ावा देने वाला यह अभियान 2027 के चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।