सहजनवा, गोरखपुर। 1 जून 2026: सहजनवा तहसील क्षेत्र में फैक्ट्रियों के बढ़ते वायु और जल प्रदूषण ने स्थानीय निवासियों का जीवन दूभर कर दिया है। इस समस्या को लेकर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने आज उप जिलाधिकारी सहजनवा को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। NSUI के प्रदेश महासचिव आदित्य शुक्ला के नेतृत्व में हुई यह कार्रवाई स्थानीय लोगों और युवाओं के व्यापक समर्थन के साथ हुई।
प्रदूषण ने बढ़ाई स्वास्थ्य समस्याएं
ज्ञापन में बताया गया कि क्षेत्र की कई औद्योगिक इकाइयां पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए लगातार जहरीला धुआं छोड़ रही हैं। इससे स्थानीय लोगों को सांस लेने में भारी दिक्कत, आंखों में जलन, खांसी और दमा जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। खासकर बच्चे और बुजुर्ग इस प्रदूषण से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
NSUI प्रदेश महासचिव आदित्य शुक्ला ने कहा, “सहजनवा की हवा अब जहरीली हो चुकी है। बच्चे खांसते हुए स्कूल जाते हैं और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। संविधान हर नागरिक को स्वच्छ हवा और स्वच्छ पानी का अधिकार देता है। अगर प्रशासन ने 15 दिनों के अंदर ठोस कार्रवाई नहीं की तो NSUI सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगी।”
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भू-जल दोहन और फसलों पर असर
प्रदूषण केवल हवा तक सीमित नहीं है। फैक्ट्रियों द्वारा अंधाधुंध भू-जल दोहन के कारण क्षेत्र का जलस्तर 50-60 फीट नीचे चला गया है। कई जगहों पर हैंडपंप पूरी तरह सूख चुके हैं। साथ ही रासायनिक अपशिष्ट को खेतों में छोड़े जाने से फसलें बर्बाद हो रही हैं, जिससे किसानों की आजीविका पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।
NSUI की मुख्य मांगें
ज्ञापन में NSUI ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए निम्नलिखित ठोस मांगें रखी हैं:
1. सभी फैक्ट्रियों के प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों (ETP, APCD आदि) की तत्काल जांच कराई जाए।
2. पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों को सील किया जाए और उन पर भारी जुर्माना लगाया जाए।
3. भू-जल दोहन पर तुरंत रोक लगाई जाए तथा वाटर रिचार्जिंग संयंत्र अनिवार्य किए जाएं।
4. प्रदूषण से प्रभावित लोगों के लिए मुफ्त स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाए।
5. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मासिक रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
स्थानीय लोगों का व्यापक समर्थन
ज्ञापन सौंपने के दौरान राममूरत उपाध्याय, कृष्णा चौबे, प्रवीन मिश्रा, प्रियांशु दूबे, बुद्धेश मणि, शिवांशु सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, युवा और किसान मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में फैक्ट्री प्रदूषण पर तुरंत रोक लगाने की मांग की और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की अपील की।
NSUI का चेतावनी भरा रुख
NSUI कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस मामले में लापरवाही बरतता है तो वे छात्रों, युवाओं और प्रभावित किसानों के साथ मिलकर व्यापक स्तर पर आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास जरूरी है, लेकिन पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह ज्ञापन सहजनवा क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही प्रदूषण की समस्या को लेकर NSUI की सक्रियता को दर्शाता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मसले पर कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है।













































