रिश्ते में हैवानियत : पति पर तेजाब फेंकने वाली पत्नी को उम्रकैद

संभल : उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पति पर तेजाब फेंकने के जघन्य मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी पत्नी कहकशां को आजीवन कारावास और 1,76,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने अर्थदंड की पूरी राशि पीड़ित मुजफ्फर अली को देने का आदेश भी दिया है।

मात्र 10 सुनवाई में आया फैसला

यह मामला वर्ष 2025 का है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी गोपाल जी की अदालत ने मात्र 10 सुनवाई के बाद 27 मई 2026 को कहकशां को दोषी करार दिया था। सोमवार को अदालत ने अंतिम फैसला सुनाते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

घटना का कथानक

संभल थाना क्षेत्र के मोहल्ला बदायूं दरवाजा निकट बुलबुली वाली मस्जिद निवासी मुजफ्फर अली (इंवर्टर बैटरी का काम) अपनी पत्नी कहकशां और दो बच्चों के साथ रहता था। कहकशां लगातार झगड़ा करती थी और तलाक की मांग कर रही थी। उसके परिवार वाले भी इस मामले में शामिल थे।

6 मार्च 2025 की रात कहकशां ने मुजफ्फर अली के खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया। अगले दिन 7 मार्च 2025 की सुबह करीब 6 बजे जब मुजफ्फर की आंख खुली तो वह अपनी पत्नी को एक अज्ञात व्यक्ति के साथ देखकर चौंक गया। अज्ञात व्यक्ति भाग निकला।

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जानलेवा हमला

इसके तुरंत बाद कहकशां ने घर में रखी तेजाब की बाल्टी मुजफ्फर अली के चेहरे पर फेंक दी। तेजाब से उनका चेहरा और आधा शरीर बुरी तरह झुलस गया। मुजफ्फर अली की दोनों आंखें चली गईं।

पुलिस और अदालत की कार्रवाई

पीड़ित की बहन नाजुक ने 24 मार्च 2025 को पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कहकशां के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। एडीजीसी नरेंद्र कुमार यादव ने साक्ष्यों के आधार पर मजबूत दलीलें पेश कीं। न्यायालय ने सभी सबूतों और गवाहों को ध्यान में रखते हुए कहकशां को दोषी ठहराया और सख्त सजा सुनाई। यह फैसला तेजाब हमलों पर उत्तर प्रदेश में सख्त रुख का संदेश देता है। पीड़ित मुजफ्फर अली वर्तमान में गंभीर रूप से विकलांग हैं।

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