अमेठी : नहरों में पानी न आने से परेशान किसानों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा. बड़ी संख्या में महिला किसान लाठी-डंडों के साथ नहर विभाग कार्यालय पहुंचीं और जोरदार प्रदर्शन किया. महिला किसान नेता रीता सिंह के नेतृत्व में किसानों ने नारेबाजी करते हुए अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपा और जल्द से जल्द नहरों में पानी छोड़ने की मांग की.
किसानों का कहना है कि धान की नर्सरी तैयार करने और बेड़न (रोपाई की तैयारी) का समय तेजी से निकल रहा है, लेकिन क्षेत्र की नहरें अब भी सूखी पड़ी हैं। पानी के अभाव में खेती-किसानी का काम प्रभावित हो रहा है, जिससे किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है.
प्रदर्शन के दौरान रीता सिंह ने कहा कि नहरों में पानी न आने के कारण किसान निजी पंपिंग सेट और अन्य संसाधनों के जरिए सिंचाई करने को मजबूर हैं। इससे खेती की लागत कई गुना बढ़ गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं कराया गया तो धान की फसल पर गंभीर असर पड़ सकता है और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा.
महिला किसानों ने नहर विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी नाराजगी जताई। बाद में किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने शारदा सहायक खंड-49 के अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपकर तत्काल नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग की.
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे व्यापक आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे। किसानों का आरोप है कि हर वर्ष समय पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध न होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. उन्होंने विभाग से किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल समाधान सुनिश्चित करने की मांग की.
देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.













































