UP: सीतापुर में एक महिला उपनिरीक्षक के सरकारी आवास पर देर रात हुए हंगामे ने पुलिस विभाग में सनसनी फैला दी है। महिला दरोगा की शिकायत पर पुलिस ने एक उपनिरीक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना के बाद विभागीय स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
दरवाजा तोड़ने की कोशिश का आरोप
पीड़ित महिला दरोगा, जो 11वीं वाहिनी पीएसी में तैनात हैं, ने आरोप लगाया कि 30 मई की रात करीब 1:35 बजे उसी वाहिनी में तैनात रहे उपनिरीक्षक आशीष चंद्र दुबे उनके सरकारी आवास पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने कई बार दरवाजा खोलने का दबाव बनाया और दरवाजा तोड़ने का प्रयास भी किया। महिला अधिकारी के अनुसार आरोपी का व्यवहार असामान्य और भय पैदा करने वाला था।
खुद को कमरे में बंद कर मांगी मदद
घटना के समय महिला दरोगा सरकारी आवास में अकेली थीं। स्थिति को गंभीर देखते हुए उन्होंने खुद को कमरे में सुरक्षित कर लिया और तत्काल अपने वरिष्ठ अधिकारियों को मोबाइल फोन के माध्यम से सूचना दी। महिला अधिकारी ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
क्यूआरटी ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा
सूचना मिलने के बाद 11वीं वाहिनी पीएसी के अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई की। सूबेदार मेजर आयुष राठौर के नेतृत्व में क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) मौके पर पहुंची और आरोपी उपनिरीक्षक को हिरासत में ले लिया। समय रहते टीम के पहुंचने से किसी अप्रिय घटना की आशंका टल गई।
मुकदमा दर्ज, जांच जारी
महिला दरोगा की तहरीर के आधार पर शहर कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने उपनिरीक्षक आशीष चंद्र दुबे को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई कर रही है।
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