कायमगंज, फर्रुखाबाद। कंपिल क्षेत्र के सुल्तानपुर पालनपुर स्थित गौशाला में कथित रूप से गायों की मौत और उनके साथ अमानवीय व्यवहार के आरोपों को लेकर मंगलवार को किसानों, गौरक्षकों और विभिन्न हिंदू संगठनों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी तहसील कायमगंज पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने गौशाला प्रकरण की निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई तथा गौरक्षकों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग करते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
भारतीय किसान यूनियन अखंड, बजरंग दल, श्री राष्ट्र राजपूत करणी सेना समेत कई संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सुल्तानपुर पालनपुर गौशाला में लंबे समय से गायों के साथ लापरवाही और अत्याचार हो रहा था। इसकी जानकारी मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ताओं और गौरक्षकों ने मौके पर पहुंचकर वीडियो बनाए तथा उन्हें सोशल मीडिया और उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया।
मृत गायों को गायब कर साक्ष्य मिटाने का आरोप
धरना दे रहे किसानों और गौरक्षकों ने आरोप लगाया कि शिकायत के बाद जब अधिकारी जांच के लिए पहुंचे तो मृत गायों को हटाकर पूरे मामले के साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया। उनका कहना था कि मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय आवाज उठाने वाले गौरक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को ही निशाना बनाया गया और थाना कंपिल में उनके खिलाफ कथित रूप से फर्जी मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि कायमगंज के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) तथा गौशाला से जुड़े नोडल अधिकारी संयुक्त खंड विकास अधिकारी मनीराम शाक्य को तत्काल उनके पदों से हटाकर विभागीय कार्रवाई की जाए, ताकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो सके। साथ ही मुकदमा दर्ज कराने वाले थाना अध्यक्ष कंपिल के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग उठाई गई।
संपत्तियों की जांच और मजिस्ट्रेट जांच की मांग
ज्ञापन में एसडीएम और संबंधित नोडल अधिकारी की चल-अचल संपत्तियों की जांच कराने की भी मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने थाना कंपिल में दर्ज मुकदमा संख्या 0096/2026 को तत्काल समाप्त करने की मांग करते हुए कहा कि यदि प्रशासन के पास उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए।
संगठनों ने गौशाला में हुई गायों की मौतों की मजिस्ट्रेट जांच कराने तथा स्वतंत्र जांच समिति गठित करने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि निष्पक्ष जांच के बिना सच्चाई सामने नहीं आएगी और दोषी बच जाएंगे।
एसडीएम बोले- मुकदमा खत्म करना मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं
इस संबंध में एसडीएम अतुल कुमार सिंह ने कहा कि उन्हें अभी तक कोई आधिकारिक ज्ञापन प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी मुकदमे को समाप्त करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। उन्होंने यह भी कहा कि धरना-प्रदर्शन के माध्यम से प्रशासन पर दबाव बनाना उचित नहीं है।
भारी पुलिस बल रहा तैनात, कई लोगों को हिरासत में लिया गया
धरना-प्रदर्शन के दौरान किसानों और गौरक्षकों ने प्रशासन एवं पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। जिलाधिकारी राजेश कुमार द्विवेदी की निगरानी में कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात की गई थी।
दोपहर बाद स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर एक स्कूल बस के माध्यम से कोतवाली भेज दिया। इससे प्रदर्शनकारियों में और नाराजगी फैल गई।
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पुलिस को खुली चेतावनी, आंदोलन तेज करने का ऐलान
भारतीय किसान यूनियन अखंड के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सोमवंशी, राष्ट्रीय महासचिव राजेश कुमार, बजरंग दल के मनमोहन सिंह राणा समेत विभिन्न संगठनों के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि गौशाला प्रकरण में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई और गौरक्षकों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो आंदोलन को जिला स्तर से प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि “गायों की रक्षा करने वालों को अपराधी बनाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय न होने पर व्यापक जनआंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए देर शाम तक पुलिस बल तैनात रहा।
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