लखनऊ। उत्तर प्रदेश गन्ना विकास विभाग ने वाधवानी फाउंडेशन के साथ महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) किया है। इस साझेदारी के तहत सहकारी गन्ना समितियों द्वारा संचालित इंटर कॉलेजों और महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को उद्योग जगत की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल से प्रदेश के 15,440 विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।
योजना का उद्देश्य
इस एमओयू का मुख्य लक्ष्य छात्रों को सिर्फ पारंपरिक शिक्षा नहीं, बल्कि रोजगारपरक और उद्यमिता आधारित कौशल प्रदान करना है। एसडीएन (Skill Development Network) के सहयोग से विद्यार्थियों को व्यवसाय प्रबंधन, नवाचार, स्टार्टअप, जोखिम प्रबंधन और अवसरों की पहचान जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्य बिंदु
– कुल लाभार्थी : 15,440 छात्र-छात्राएं
– पहले चरण : 3,500 विद्यार्थियों को विशेष प्रशिक्षण
– प्रशिक्षण अवधि : 75 से 90 घंटे का स्किल डेवलपमेंट कोर्स
– कॉलेज : प्रदेश के 9 इंटर कॉलेज और महाविद्यालय शामिल
– अतिरिक्त सुविधा : विद्यार्थियों और शिक्षकों को लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) उपलब्ध कराया जाएगा
प्रशिक्षण में शामिल विषय
– माइंडसेट प्रोग्राम (उद्यमशीलता की भावना विकसित करना)
– नवाचार और स्टार्टअप
– व्यवसाय प्रबंधन
– जोखिम प्रबंधन
– स्वरोजगार और अवसरों की पहचान
समझौते पर हस्ताक्षर
एमओयू पर गन्ना विकास विभाग की ओर से सुनील दहिया और वाधवानी फाउंडेशन की ओर से डॉ. वी.बी. सिंह ने हस्ताक्षर किए। समझौता कार्यक्रम में गन्ना विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
विभाग का दृष्टिकोण
गन्ना विकास विभाग का मानना है कि सहकारी गन्ना समितियों के कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को आधुनिक स्किल ट्रेनिंग देकर उन्हें बेहतर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं। यह पहल गन्ना क्षेत्र से जुड़े परिवारों के युवाओं को मुख्यधारा में लाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।













































