लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर साइबर ठगों ने अधिकारियों से पैसे मांगने की कोशिश की है। जालसाजों ने वीसी की फोटो लगाकर अपर सचिवों और जोनल अधिकारियों को संदिग्ध संदेश भेजे। इस घटना से एलडीए प्रशासन में हड़कंप मच गया है और साइबर सेल ने तत्काल जांच शुरू कर दी है।
फर्जी अकाउंट से ठगी की साजिश
साइबर अपराधियों ने एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार की पहचान का दुरुपयोग करते हुए उनके नाम और फोटो वाला फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाया। इस अकाउंट से एलडीए के वरिष्ठ अधिकारियों को संदेश भेजकर पैसे मांगे गए। वियतनाम के नंबर से संचालित हो रहे इस फर्जी अकाउंट ने पूरे मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की आशंका पैदा कर दी है।
अधिकारियों को भेजे गए संदिग्ध संदेश
जालसाजों ने अपर सचिवों और जोनल अधिकारियों को टारगेट करते हुए फर्जी अकाउंट से मैसेज किए। संदेशों में आर्थिक मदद या पैसे ट्रांसफर करने की मांग की गई। साइबर ठगों की इस चालाकी से कई अधिकारी भ्रम में पड़ गए, जिसके बाद मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई।
साइबर सेल में शिकायत दर्ज, जांच तेज
एलडीए प्रशासन ने तुरंत फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट की शिकायत साइबर सेल में दर्ज कराई है। पुलिस की साइबर टीम अब इस अकाउंट को बनाने वाले व्यक्तियों या गिरोह की तलाश में जुटी हुई है। प्रारंभिक जांच में संगठित साइबर गिरोह की आशंका जताई जा रही है।
एलडीए प्रशासन की चेतावनी
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के नाम से भेजे जा रहे किसी भी संदेश पर भरोसा न करने की अपील की गई है। प्रशासन ने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों से कहा है कि पैसे भेजने या कोई महत्वपूर्ण कार्रवाई करने से पहले संबंधित अधिकारी से सीधे फोन पर या आधिकारिक माध्यम से पुष्टि अवश्य करें।
हाई-प्रोफाइल साइबर फ्रॉड की कोशिश
यह घटना लखनऊ में हाई-प्रोफाइल साइबर फ्रॉड की कोशिश के रूप में सामने आई है। सरकारी अधिकारियों की पहचान चुराकर ठगी करने का यह तरीका हाल के दिनों में काफी बढ़ गया है। एलडीए ने अपने सभी अधिकारियों को अलर्ट रहने और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए हैं।
आगे की कार्रवाई
साइबर सेल इस मामले की गहन जांच कर रहा है। फर्जी अकाउंट को ट्रैक करने के साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इससे पहले कितने अधिकारियों को ऐसे संदेश भेजे गए और कितनी ठगी हुई। पुलिस ने सभी संबंधित अधिकारियों से विस्तृत बयान दर्ज करने शुरू कर दिए हैं।
एलडीए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वीसी प्रथमेश कुमार या किसी भी अधिकारी के नाम से व्हाट्सएप पर पैसे मांगने वाला कोई भी संदेश फर्जी होगा। ऐसे में किसी भी प्रकार की आर्थिक लेन-देन से बचने की सलाह दी गई है।











































