गोरखपुर। राज्यमंत्री, ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार कमलेश पासवान की अध्यक्षता में एनेक्सी भवन सभागार में जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को योजनाओं को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से लागू करने के सख्त निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रमुख लोगों की उपस्थिति
बैठक में सदर सांसद रवि किशन (सह-अध्यक्ष), महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह (ग्रामीण), विमलेश पासवान (बांसगांव), महेंद्र पाल सिंह (पिपराइच), सरवन निषाद (चौरी-चौरा) सहित कई ब्लॉक प्रमुख और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी एवं समिति के सचिव दीपक मीणा ने अध्यक्ष कमलेश पासवान, सांसद रवि किशन, महापौर एवं विधायकों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।
इन योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में निम्नलिखित प्रमुख योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई:
– मनरेगा
– प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)
– राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM)
– स्वच्छ भारत मिशन
– प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
– जल जीवन मिशन
– पोषण अभियान
– आयुष्मान भारत
– प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि
– फसल बीमा योजना
– कृषि, पशुपालन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं शहरी विकास योजनाएं
राज्यमंत्री के सख्त निर्देश
कमलेश पासवान ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जमीनी स्तर पर गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
सांसद रवि किशन का जोर
सदर सांसद रवि किशन ने विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों के सुझावों को प्राथमिकता देने की बात कही। महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और अन्य विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं उठाईं और उनके त्वरित समाधान की मांग की।
जिलाधिकारी का आश्वासन
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने विभागवार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि अधिकांश योजनाओं में जिले की स्थिति संतोषजनक है, जबकि शेष कार्यों को पूरा करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
आपसी समन्वय पर जोर
बैठक के अंत में सभी विभागों को आपसी समन्वय बनाकर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने के निर्देश दिए गए। यह बैठक जिले में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को तेज गति से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।











































