गोरखपुर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), गोरखपुर में योग सप्ताह के अंतर्गत एक भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गोरखपुर के सांसद रवि किशन मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने एम्स के चिकित्सकों, फैकल्टी सदस्यों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं बच्चों के साथ योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का नेतृत्व एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी मेजर जनरल (डॉ.) विभा दत्ता, एसएम (सेवानिवृत्त) ने किया। इस अवसर पर संस्थान के वरिष्ठ चिकित्सक, फैकल्टी सदस्य, नर्सिंग अधिकारी, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
योग शिविर को संबोधित करते हुए सांसद रवि किशन ने कहा कि योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जिसे आज पूरी दुनिया अपना रही है। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को निरोग रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और अनुशासित जीवनशैली को भी बढ़ावा देता है। उन्होंने लोगों से नियमित योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज और विकसित राष्ट्र की नींव होते हैं।
इस अवसर पर मेजर जनरल (डॉ.) विभा दत्ता ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न तनाव, चिंता और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान में योग अत्यंत प्रभावी भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है। नियमित योगाभ्यास न केवल रोगों से बचाव करता है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाता है।
उन्होंने कहा कि एम्स गोरखपुर केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए जनजागरूकता कार्यक्रमों को भी प्राथमिकता देता है। योग सप्ताह के आयोजन का उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति प्रेरित करना तथा योग के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक लाभों से अवगत कराना है।
योग शिविर के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। प्रशिक्षकों ने योग के सही तरीकों तथा इसके स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी। कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक योगाभ्यास में भाग लिया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
एम्स गोरखपुर के चिकित्सकों एवं फैकल्टी सदस्यों ने कहा कि योग एक समग्र चिकित्सा पद्धति के रूप में कार्य करता है, जो शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी सहायक है। उन्होंने लोगों से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने और योग को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की।
कार्यक्रम का समापन स्वस्थ भारत और निरोग समाज के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने नियमित योगाभ्यास करने तथा अपने परिवार एवं समाज को भी योग के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)











































