UP: लखनऊ के महानगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने खुद को IPS अधिकारी बताकर धौंस जमाने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती पूछताछ में उसने दावा किया कि वह नोएडा में तैनात IPS अधिकारी है और पुलिसकर्मियों से सैल्यूट न करने पर नाराजगी जताने लगा। जब उससे पहचान पत्र मांगा गया तो वह कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। बाद में सख्ती से पूछताछ करने पर उसकी पहचान मिथिलेश शुक्ला निवासी भरतनगर, सीतापुर रोड, लखनऊ के रूप में हुई। उसने बताया कि वह नोएडा सेक्टर-18 स्थित एक निजी कंपनी में काम करता है।
40 रुपये की चाय को लेकर शुरू हुआ विवाद
पुलिस के मुताबिक पूरा मामला एक चाय की दुकान से शुरू हुआ। आरोप है कि मिथिलेश शुक्ला ने चाय पीने के बाद 40 रुपये देने से इनकार कर दिया और वहां से जाने की कोशिश की। जब दुकान संचालक ने इसका विरोध किया तो दोनों के बीच बहस हो गई। स्थिति बिगड़ने पर दुकानदार ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप किया।
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पुलिसकर्मियों से मांगा सैल्यूट, खुद को बताया IPS
मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों के सामने भी आरोपी लगातार खुद को IPS अधिकारी बताकर रौब दिखाने लगा। उसने कई बार पुलिसकर्मियों से पूछा कि उसे सैल्यूट क्यों नहीं किया जा रहा है। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात एक कॉन्स्टेबल ने स्पष्ट कहा कि पहले वह अपनी वर्दी और पहचान पत्र दिखाए, उसके बाद ही औपचारिक सम्मान दिया जाएगा। लेकिन आरोपी कोई भी प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका, जिससे उसके दावे की सच्चाई सामने आ गई।
सरकारी कार्य में बाधा का भी आरोप, केस दर्ज
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर पुलिसकर्मियों को धमकाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने की कोशिश की। इस मामले में महानगर थाने में उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कॉन्स्टेबल के संयमित जवाब की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं।











































