एम्स गोरखपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग सप्ताह पर मरीजों को स्वास्थ्य का संदेश; स्त्री रोग ओपीडी में हुआ विशेष योग सत्र

गोरखपुर, 20 जून 2026। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर ने अंतर्राष्ट्रीय योग सप्ताह के तहत मरीजों के लिए एक अनूठा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। संस्थान की अधिशासी निदेशक मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता के मार्गदर्शन में स्त्री रोग (गाइनेकोलॉजी) ओपीडी के प्रतीक्षा हॉल में योग सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें मरीजों और उनके परिजनों को योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत और स्वागत भाषण

सत्र की शुरुआत फार्माकोलॉजी विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. मौसुमी पाणिग्रही के स्वागत भाषण से हुई। डॉ. पाणिग्रही ने नियमित योगाभ्यास के शारीरिक एवं मानसिक लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं के स्वास्थ्य में योग की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए बताया कि योग कैसे स्त्री रोग संबंधी समस्याओं में फायदेमंद सिद्ध हो सकता है।

योगाचार्य अरुण पाठक का व्यावहारिक प्रदर्शन

योगाचार्य श्री अरुण पाठक ने शुरुआती अभ्यासियों को ध्यान में रखते हुए सरल और सुरक्षित योगासन तथा प्राणायाम की तकनीकों का सजीव प्रदर्शन किया। उन्होंने उन मुद्राओं पर विशेष जोर दिया जो महिलाओं में आमतौर पर पाई जाने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में राहत प्रदान करती हैं। मरीजों और उनके तीमारदारों ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया। कई मरीजों ने नर्सिंग ऑफिसर प्रियंका के साथ योगासन का अभ्यास भी किया।

Also Read: ‘SIT जांच से सब साफ हो जाएगा, राम भक्तों पर गोली चलाने वाले उपदेश दे रहे…’, सीएम योगी का विपक्ष पर हमला

डॉक्टरों और स्टाफ ने बढ़ाया उत्साह

कार्यक्रम में स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग की फैकल्टी डॉ. विभा रानी पीपल, डॉ. ज्योति, डॉ. प्रियंका, डॉ. नेहा सहित कई जूनियर रेजिडेंट्स, सीनियर रेजिडेंट्स और नर्सिंग ऑफिसर्स उपस्थित रहे। सभी ने मरीजों से सीधा संवाद कर उन्हें योग अपनाने के लिए प्रेरित किया और कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग दिया।

समापन एवं धन्यवाद

कार्यक्रम का समापन स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग की एडिशनल प्रोफेसर डॉ. आराधना सिंह के धन्यवाद प्रस्ताव से हुआ। डॉ. आराधना सिंह ने सभी प्रतिभागियों, योगाचार्य और स्टाफ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाकर दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं।

एम्स गोरखपुर की पहल

यह कार्यक्रम एम्स गोरखपुर द्वारा मरीजों को मात्र इलाज ही नहीं, बल्कि preventive healthcare और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास था। योग के माध्यम से मरीजों को सकारात्मक ऊर्जा और स्वास्थ्य प्रबंधन का संदेश देते हुए संस्थान ने योग को चिकित्सा प्रक्रिया का महत्वपूर्ण अंग बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यक्रम में मरीजों और उनके परिजनों में काफी उत्साह देखा गया। एम्स गोरखपुर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और योग सप्ताह के दौरान ऐसी कई गतिविधियों के माध्यम से समाज में योग जागरूकता फैलाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)