अयोध्या। श्रीराम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के आरोपों पर दायर जनहित याचिका (PIL) पर सोमवार 22 जून 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हो सकती है। याचिका में मामले की जांच CBI या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने और चढ़ावे की पूरी राशि का ऑडिट CAG (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) से कराने की मांग की गई है।
हाईकोर्ट में PIL सूचीबद्ध
याचिका न्यायमूर्ति पंकज भाटिया और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की ग्रीष्म अवकाश कालीन खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध है। याचिकाकर्ता अधिवक्ता मोहित अशोक ने बताया कि वह सोमवार को मामले की शीघ्र सुनवाई का अनुरोध करेंगे। 19 जून को समय की कमी के कारण इस PIL पर सुनवाई नहीं हो सकी थी।
याचिका में मुख्य मांगें
याचिका में अयोध्या श्रीराम मंदिर में चढ़ावे में आने वाले धन के कथित गबन की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने CBI या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच और CAG द्वारा पूर्ण ऑडिट कराए जाने की अपील की है।
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SIT ने तैयार की 140 पन्नों की रिपोर्ट
इस बीच, राम मंदिर चढ़ावे गबन प्रकरण की जांच कर रही SIT ने शनिवार देर रात अयोध्या से लखनऊ के लिए रवाना होकर अपनी रिपोर्ट लगभग अंतिम रूप दे दी है। सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट करीब **140 पन्नों** की है, जिसमें विभिन्न तथ्यों और साक्ष्यों का विस्तृत उल्लेख किया गया है।
SIT के करीब 20 सहयोगी सदस्य अभी भी राम जन्मभूमि परिसर में मौजूद हैं और अंतिम सूचनाएं एकत्र करने में जुटे हुए हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट महासचिव से पूछताछ
सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव से एक बार फिर करीब तीन घंटे तक बंद कमरे में पूछताछ की। इस पूछताछ की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
कई लोगों पर हो सकती है कार्रवाई
जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि रिपोर्ट के आधार पर कई लोगों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है। दानपात्र प्रबंधन में लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर कुछ सेवादारों की सेवाएं समाप्त किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है।
यह पूरा मामला श्रीराम मंदिर ट्रस्ट और अयोध्या प्रशासन दोनों के लिए काफी संवेदनशील माना जा रहा है। 22 जून को हाईकोर्ट में PIL पर होने वाली सुनवाई से इस मामले में नई दिशा मिलने की उम्मीद है।














































