मोहर्रम की चौथी तारीख पर अकीदत का सैलाब, खानसामा कमेटी का अलम जुलूस शान-ओ-शौकत से निकला

कायमगंज, फर्रुखाबाद : मोहर्रम के मुकद्दस महीने की चौथी तारीख पर कायमगंज कस्बे में खानसामा कमेटी द्वारा पारंपरिक अलम का जुलूस बड़े ही श्रद्धा, अनुशासन और अकीदत के साथ निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया और हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश की।

रविवार रात लगभग 9 बजे जामा मस्जिद से शुरू हुआ अलम का जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से गुजरता हुआ बजरिया, श्यामा गेट, लोहाई बाजार, मुख्य चौराहा और गल्ला मंडी पहुंचा। इसके बाद जुलूस जटवारा मोहल्ला पहुंचकर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। पूरे मार्ग पर लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और धार्मिक सौहार्द का संदेश दिया।

जुलूस के दौरान जगह-जगह लंगर, ठंडे पानी और मीठे शरबत की व्यवस्था की गई थी। भीषण गर्मी के बीच राहगीरों और जुलूस में शामिल लोगों को राहत पहुंचाने के लिए समाजसेवियों एवं स्थानीय लोगों ने सेवा भाव के साथ व्यवस्थाएं संभालीं। इस दौरान कौमी एकता और भाईचारे की मिसाल भी देखने को मिली।

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खानसामा कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि मोहर्रम केवल मातम का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और न्याय की राह पर चलने की प्रेरणा देने वाला अवसर है। उन्होंने लोगों से आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की व्यवस्थाओं की कमान खानसामा कमेटी के सदर मोहम्मद आरिफ खानसामा एवं सेक्रेटरी जलील खानसामा ने संभाली। जुलूस में मोहम्मद माजिद खानसामा, सद्दीक खानसामा, शफीक खानसामा, सईद खानसामा, रफीक खानसामा, जहूर खानसामा, सलमान खानसामा, राजा खानसामा, गुड्डू खानसामा सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक, युवा एवं बुजुर्ग मौजूद रहे।

मोहर्रम की चौथी तारीख पर निकले इस अलम जुलूस ने कस्बे में धार्मिक आस्था, अनुशासन और सामाजिक एकता का संदेश दिया। पूरे आयोजन के दौरान माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण और श्रद्धामय बना रहा।

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