फर्रुखाबाद। जिले में सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की धीमी प्रगति और विभागीय लापरवाही पर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा संचालित सड़क परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत परीक्षण किया और स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा एवं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, मंडी परिषद तथा ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा संचालित सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान सीएमआईएस पोर्टल पर प्रदर्शित परियोजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति का भी परीक्षण किया गया।
बैठक में त्वरित आर्थिक विकास योजना के अंतर्गत संचालित 46 परियोजनाओं तथा क्रिटिकल गैप्स योजना के 8 कार्यों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। समीक्षा के दौरान जिन विभागों की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, उन्हें कार्यों में तेजी लाने, लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने तथा पूर्ण हो चुके कार्यों की बची हुई धनराशि नियमानुसार समर्पित करने के निर्देश दिए गए।
बिटूमिन की बढ़ी कीमतों से अटके टेंडर
समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत 10 सड़क परियोजनाओं के टेंडर बिटूमिन की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण पूरे नहीं हो सके हैं। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि संशोधित आगणन तैयार कर सक्षम स्तर पर प्रभावी पत्राचार किया जाए, ताकि निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो और परियोजनाएं समय पर शुरू की जा सकें।
अनुपस्थित अधिशासी अभियंता पर जताई नाराजगी
बैठक में यू.पी.सी.एल.डी.एफ. के अधिशासी अभियंता की अनुपस्थिति और कार्यों की प्रगति में अपेक्षित सुधार न होने पर जिलाधिकारी ने गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने संबंधित अधिकारी के खिलाफ प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
अगली बैठक में पूरी तैयारी के साथ आने के निर्देश
जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता जल निगम (नगरीय), मंडी परिषद, एपेल्स फेड तथा उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड के अधिकारियों को अद्यतन प्रगति रिपोर्ट के साथ आगामी समीक्षा बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में डॉ. अंकुर लाठर ने सभी विभागीय अधिकारियों और परियोजना प्रबंधकों को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रत्येक समीक्षा बैठक में पूरी तैयारी, अद्यतन अभिलेखों और वास्तविक प्रगति रिपोर्ट के साथ उपस्थित होना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा जनता को बेहतर सड़क सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।













































