लखनऊ। उत्तर प्रदेश भाजपा के MLC देवेंद्र प्रताप सिंह ने अयोध्या राम मंदिर के दानपात्र चोरी मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने रामभक्तों की आस्था से छेड़छाड़ का मुद्दा उठाते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई और मंदिर प्रबंधन में बड़े बदलाव की मांग की है।
चिट्ठी में मुख्य मांगें
देवेंद्र प्रताप सिंह ने अपनी चिट्ठी में कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:
– दानपात्र चोरी से करोड़ों रामभक्तों की आस्था को ठेस पहुंची है, इसलिए दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
– राम मंदिर ट्रस्ट और मंदिर प्रबंधन अपने दायित्व निभाने में पूरी तरह विफल रहा है। सभी पदाधिकारियों को तुरंत हटा दिया जाए।
– राम मंदिर ट्रस्ट में प्रभु श्रीराम के वंशजों को प्राथमिकता दी जाए।
– राम मंदिर आंदोलन से जुड़े लोगों और बलिदानियों के परिजनों को ट्रस्ट में शामिल किया जाए।
दक्षिण भारतीय मंदिरों से सीखने की सलाह
MLC देवेंद्र प्रताप सिंह ने चिट्ठी में सुझाव दिया कि राम मंदिर प्रबंधन को दक्षिण भारत के प्रसिद्ध मंदिरों (जैसे तिरुपति, मदुरै आदि) के प्रबंधन से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन मंदिरों का प्रबंधन बेहद पारदर्शी और सुव्यवस्थित है, उसी तर्ज पर अयोध्या राम मंदिर का प्रबंधन किया जाना चाहिए।
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रामभक्तों की भावना का सम्मान
देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि लाखों-करोड़ों रामभक्तों की आस्था का प्रतीक है। दानपात्र चोरी की घटना ने इन भक्तों की भावनाओं को आहत किया है। इसलिए प्रबंधन में बदलाव के साथ-साथ पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को दंडित करना जरूरी है।
भाजपा के वरिष्ठ MLC द्वारा प्रधानमंत्री को लिखी गई यह चिट्ठी राम मंदिर प्रबंधन और ट्रस्ट पर उठ रहे सवालों को नए सिरे से चर्चा में ला सकती है।
अभी तक प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस चिट्ठी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पार्टी और रामभक्तों के बीच इस मुद्दे पर बहस छिड़ गई है।













































