रायबरेली: अयोध्या राम मंदिर में कथित दान चोरी के मामले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद चंद्रशेखर आज़ाद के बयान से प्रदेश की सियासत में नया उबाल ला दिया है। रायबरेली पहुंचे सांसद ने इस पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई और सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की देखरेख में कराने की मांग की है। उन्होंने तीखा रुख अपनाते हुए कहा कि यह सिर्फ सामान्य चोरी नहीं, बल्कि देश के करोड़ों सनातनियों की आस्था पर डकैती है।
दरअसल, सलोन क्षेत्र में बीते दिनों सड़क हादसे का शिकार हुए एक दलित युवक के पीड़ित परिजनों से मुलाकात करने चंद्रशेखर आज़ाद रायबरेली आए थे। इस दौरान पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने प्रदेश सरकार की एसआईटी जांच पर सवाल खड़े किए थे।
SIT जांच पर नहीं भरोसा, हो स्वतंत्र जांच
सांसद चंद्रशेखर ने दो टूक कहा कि इस संवेदनशील मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच से न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि इस महाघोटाले में लीपापोती की आशंका है। दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र सीबीआई जांच होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल केवल चुनावी वैतरणी पार करने के लिए करती आई है, लेकिन अब जनता इनके असली चेहरे को पहचान चुकी है।
विधानसभा चुनाव 2027 का रोडमैप तैयार: चंद्रशेखर
पत्रकारों से बातचीत के दौरान चंद्रशेखर आज़ाद ने वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति भी साफ की। उन्होंने दावा किया कि आज़ाद समाज पार्टी प्रदेश में पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी।चंद्रशेखर आज़ाद का काफिला सलोन के लिए रवाना हो गया, जहां उन्होंने मृतक दलित युवक के परिजनों ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया।













































