मथुरा: भक्तों की आस्था और दान की पवित्रता को बनाए रखने के लिए श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है. हाल ही में अयोध्या और मथुरा के मंदिरों में दान-चंदा को लेकर उठे विवादों के बाद अब जन्मस्थान परिसर में चढ़ावे की गिनती से लेकर रखरखाव तक हर प्रक्रिया पर डिजिटल निगरानी होगी.
क्या किए गए नए इंतजाम?
1. बिना जेब वाले वस्त्र अनिवार्य
दान राशि की गिनती करने वाले कर्मचारियों को अब गणना कक्ष में प्रवेश से पहले बिना जेब वाले कपड़े पहनने होंगे. संस्थान के अनुसार इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार की हेराफेरी की संभावना को पूरी तरह खत्म करना है.
Also Read: ‘चढ़ावा, चोरी, SIT, FIR से चंपत राय के इस्तीफे तक…’, अयोध्या केस की पूरी क्रोनोलॉजी
2. CCTV कवरेज बढ़ाई गई
गिनती कक्ष सहित पूरे परिसर में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. संस्थान के उप प्रबंधक अनुराग पाठक ने बताया कि दान की गिनती वाला पूरा हिस्सा पहले से ही CCTV की निगरानी में रहता है और कर्मचारियों की आवाजाही की कड़ी चेकिंग की जाती है. अब फुटेज को 6 महीने तक सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर जांच की जा सके.
3. हाईटेक सुरक्षा कवच
जन्मस्थान परिसर को रेड, यलो और ग्रीन जोन में बांटकर 24 घंटे सशस्त्र सुरक्षा दी जा रही है. इसके साथ ही प्रवेश द्वारों पर AI कैमरे, फेस स्कैनर और बैग स्कैनर लगाने की योजना है. संदिग्ध वाहनों को रोकने के लिए बोलार्ड और टायर किलर भी लगाए जाएंगे.
Also Read: राम मंदिर चढ़ावा कांड: सुनसान जगह पर बनती थी चोरी की रणनीति, जांच में बड़ा खुलासा
पिछले दिनों श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन से जुड़े दिनेश फलाहारी महाराज ने मंदिर के दान और आभूषणों को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए CBI जांच की मांग की थी. उन्होंने दावा किया था कि गुल्लकें खोलते समय CCTV बंद कर दिए जाते हैं.
इन आरोपों को संस्थान ने ‘झूठा और बेबुनियाद’ बताया है. प्रबंधन का कहना है कि उनकी गिनती व्यवस्था पहले से ही “फुलप्रूफ” है और इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं है। इसी पारदर्शिता को और मजबूत करने के लिए अब नए कदम उठाए गए हैं. संस्थान का मानना है कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाया गया धन जनहित के कार्यों में लगे, इसके लिए जवाबदेही और तकनीक दोनों जरूरी हैं.
फिलहाल पुलिस और प्रशासन भी मंदिरों की सुरक्षा को लेकर सतर्क है. बीते दिनों मथुरा के अन्य मंदिरों में दानपेटी चोरी की घटनाएं सामने आने के बाद CCTV फुटेज के आधार पर जांच की जा रही है.
इन नए इंतजामों से उम्मीद है कि लाखों श्रद्धालुओं का भरोसा और बढ़ेगा और दान की हर पाई का सही उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा.














































