फर्रुखाबाद : मोहम्मदाबाद ग्राम समाज की जमीन पर कब्जे को लेकर सुबह मोहम्मदाबाद क्षेत्र में दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया और दोनों ओर से लाठी-डंडे चले, पथराव हुआ तथा फायरिंग भी की गई। इस खूनी संघर्ष में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सहित सात लोग घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल प्रधान प्रतिनिधि को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, गैसिंगपुर गैस प्लांट के पास स्थित ग्राम समाज की लगभग एक बीघा भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। सोमवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे एक पक्ष के लोग कथित रूप से जमीन पर कब्जा करने पहुंचे। इसकी सूचना मिलने पर निसाई गांव की प्रधान गीता देवी के पति एवं प्रधान प्रतिनिधि सत्येंद्र अपने पुत्र अभय और अमन के साथ मौके पर पहुंचे और विरोध जताया। इसी दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई, जो कुछ ही देर में हिंसक संघर्ष में बदल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों ओर से जमकर पथराव और लाठी-डंडे चले। आरोप है कि एक पक्ष ने कई राउंड फायरिंग भी की। हमले के दौरान प्रधान प्रतिनिधि सत्येंद्र पर लोहे की रॉड से वार किया गया, जिससे उनके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। उनके पुत्र अभय और राहगीर राहुल के पैरों में गोली लगने का भी आरोप लगाया गया है। झड़प में अमन, मनोज, रवि और अतुल भी घायल हो गए।
घटना के बाद घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल सत्येंद्र को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया, जबकि अन्य घायलों का इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, एसडीएम तथा अन्य अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और फील्ड यूनिट को भी जांच के लिए बुलाया। एहतियात के तौर पर क्षेत्र में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।
इस बीच घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग वाहनों में तोड़फोड़ करते और फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि पुलिस वायरल वीडियो की भी जांच कर रही है।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जमीन पर कब्जे के प्रयास की शिकायत एक दिन पहले ही पुलिस से की गई थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला ग्राम समाज की जमीन पर कब्जे और वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। फायरिंग के आरोपों की जांच की जा रही है। आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के विरुद्ध साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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