फर्जी बीमा पॉलिसी के नाम पर लाखों की ठगी! इटावा साइबर थाना पुलिस ने तीन शातिर दबोचे

इटावा: साइबर थाना पुलिस ने फर्जी बीमा पॉलिसी और फाइनेंस की किस्त जमा कराने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अशोक कुमार (नगरिया जसोहन, जसवंतनगर), आशु (बसरेहर) और सोनू दुबे उर्फ विवेक कुमार (अयारा, बसरेहर) के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

NCRP शिकायतों की जांच में खुला ठगी का खेल

साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक राघवेंद्र तिवारी के अनुसार, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर प्राप्त शिकायतों की जांच के दौरान इस गिरोह का खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि आरोपी लोगों को बीमा पॉलिसी जारी कराने और फाइनेंस की किस्त जमा कराने का भरोसा दिलाकर उनके खातों में रुपये ट्रांसफर कराते थे। रकम मिलने के बाद आरोपी संपर्क तोड़ देते थे और पीड़ितों के साथ धोखाधड़ी कर फरार हो जाते थे।

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आईटी एक्ट समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज

पुलिस जांच के मुताबिक आरोपियों ने करीब ढाई से तीन लाख रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया है। तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी, आईटी एक्ट और आपराधिक षड्यंत्र सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और संभावित नेटवर्क की भी तलाश कर रही है।

अयारा गांव का नाम फिर आया साइबर अपराध में सामने

बसरेहर क्षेत्र का अयारा गांव एक बार फिर साइबर अपराध के मामलों को लेकर चर्चा में आ गया है। इससे पहले 26 अप्रैल 2026 को पुलिस ने इसी गांव के चार सगे भाइयों को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया था कि वे देशभर के साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे और ठगी की रकम को ऑनलाइन गेमिंग ऐप तथा क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से इधर-उधर कर देते थे। उस कार्रवाई में पुलिस ने 30 लाख रुपये नकद, नौ मोबाइल फोन और 19 बैंक कार्ड भी बरामद किए थे।

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पूरे साइबर नेटवर्क पर कार्रवाई जारी

लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद अयारा गांव एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर है। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अभियान लगातार जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य आरोपियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि साइबर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

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