UP: पवित्र श्रावण मास के प्रथम दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी पहुंचे और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान शिव के दर्शन-पूजन किए। मुख्यमंत्री ने मंदिर के गर्भगृह में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनका धार्मिक अनुष्ठान सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
शिवलिंग पर किया जलाभिषेक और अर्पित किए पूजन सामग्री
मुख्यमंत्री ने गर्भगृह में शिवलिंग का जलाभिषेक किया तथा बेलपत्र, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर भगवान शिव की आराधना की। मंदिर के आचार्यों और पुजारियों की उपस्थिति में उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा संपन्न की और आरती में भी भाग लिया। पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।
प्रदेश की खुशहाली और जनकल्याण की मांगी कामना
पूजा-अर्चना के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और विकास के लिए प्रार्थना की। सावन के पहले दिन बाबा विश्वनाथ के दरबार में मत्था टेककर उन्होंने राज्य की निरंतर प्रगति और जनकल्याण की कामना की। उनका यह दौरा धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश
दर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि पूरे सावन माह में वाराणसी आने वाले शिवभक्तों और कांवड़ यात्रियों को दर्शन, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं में किसी प्रकार की परेशानी न हो। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुचारु व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।
सावन में बढ़ी आस्था, भक्तों में दिखा उत्साह
श्रावण मास भगवान शिव की उपासना का सबसे पावन समय माना जाता है, जब देशभर से लाखों श्रद्धालु शिव मंदिरों में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सावन के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की काशी विश्वनाथ मंदिर में उपस्थिति ने भक्तों के उत्साह को और बढ़ा दिया। मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक परंपराओं और सनातन संस्कृति के प्रति उनकी आस्था का प्रतीक माना जा रहा है।

















































