रायबरेली: PWD ठेकेदारों का हल्ला बोल, 6 गुना जुर्माने और बजट की कमी पर खोला मोर्चा

रायबरेली: लोक निर्माण विभाग (PWD) के ठेकेदारों ने विभागीय नीतियों और आर्थिक तंगी के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। शहर स्थित PWD कार्यालय में एकत्र हुए ठेकेदारों ने जमकर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर प्रमुख अभियंता को ज्ञापन भेजा। ठेकेदारों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो जिले में चल रहे विकास कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो जाएंगे।

​रॉयल्टी पेनल्टी और 6 गुना जुर्माना बना गले की फांस

प्रदर्शन कर रहे ठेकेदारों ने रॉयल्टी में गड़बड़ी के नाम पर लगाए जा रहे छह गुना अर्थदंड के आदेश पर कड़ा ऐतराज जताया है। ठेकेदारों का कहना है कि विभागीय अफसर मनमाने ढंग से भारी-भरकम जुर्माना थोप रहे हैं, जिससे वे आर्थिक संकट के मुहाने पर खड़े हो गए हैं। ठेकेदारों ने इस आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की है।

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​’जेब से भर रहे शिफ्टिंग और सफाई का खर्च’

मामले में ठेकेदार अजय सिंह जहाजी का कहना है कि निर्माण सामग्री, परिवहन और अन्य खर्चों में लगातार बढ़ोतरी के चलते सड़क निर्माण कार्यों की लागत कई गुना बढ़ चुकी है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण सड़कों के निर्माण के दौरान मिट्टी व अन्य निर्माण सामग्री की शिफ्टिंग और मार्गों की सफाई जैसे जरूरी काम कराने पड़ते हैं, लेकिन इसके लिए विभाग की ओर से कोई अतिरिक्त बजट नहीं दिया जाता। पर्याप्त प्रावधान न होने के कारण इन सभी कार्यों का अतिरिक्त वित्तीय भार ठेकेदारों को अपनी जेब से वहन करना पड़ रहा है।

​मांगें पूरी न होने पर काम ठप करने की चेतावनी

ठेकेदारों ने मांग की है कि ग्रामीण सड़कों के निर्माण, सामग्री की शिफ्टिंग और मार्गों की सफाई के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया जाए। आर्थिक बदहाली से जूझ रहे ठेकेदारों ने कहा कि यदि समय रहते समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ, तो वे निर्माण कार्य ठप करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

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